सैनिकों की दुर्दशा दिखाने वाले अखबार पर भड़का पेंटागन, संपादक बर्खास्त; ईरान युद्ध के बीच मीडिया स्वतंत्रता पर सवाल

पेंटागन ने Stars and Stripes के प्रकाशक मैक्स लेडरर, एडिटर-इन-चीफ एरिक स्लाविन और मिडिल ईस्ट संवाददाता लारा कोर्टे को बर्खास्त कर दिया. कार्रवाई के बाद सैन्य मीडिया की स्वतंत्रता पर सवाल उठे हैं.

Pentagon Stars and Stripes: अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने सैन्य अखबार स्टार्स एंड स्ट्राइप्स (Stars and Stripes) के तीन वरिष्ठ पत्रकारों को नौकरी से हटा दिया है. यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब ईरान में युद्ध जारी है और अखबार की स्वतंत्र पत्रकारिता को लेकर अमेरिकी सरकार पर पहले से सवाल उठ रहे हैं. इन पत्रकारों को हटाने का फैसला ऐसे समय आया है जब Stars and Stripes ने अमेरिकी सैनिकों से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं पर रिपोर्टें प्रकाशित की थीं. इनमें नौसेना के उन जवानों की मुश्किलें भी शामिल थीं, जिन्हें विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन पर करीब नौ महीने की लंबी तैनाती करनी पड़ी.

प्रकाशक और वरिष्ठ पत्रकारों को बर्खास्तगी नोटिस

द न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक वरिष्ठ पेंटागन अधिकारी और बर्खास्त किए गए पत्रकारों के हवाले से बताया कि शुक्रवार को प्रकाशक मैक्स लेडरर, एडिटर-इन-चीफ एरिक स्लाविन और मिडिल ईस्ट संवाददाता लारा कोर्टे को नौकरी खत्म किए जाने के नोटिस दिए गए.

Stars and Stripes अमेरिकी सरकार से वित्त पोषण पाने वाला सैन्य अखबार है, लेकिन कानून के तहत उसे संपादकीय स्वतंत्रता हासिल है. यह अमेरिकी सैनिकों और उनके परिवारों के लिए खबरें पब्लिश करता है. आलोचकों का कहना है कि हालिया कार्रवाई इस स्वतंत्रता को सीमित करने की कोशिशों का नया उदाहरण है. रक्षा विभाग ने इन बर्खास्तगियों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

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जांच रिपोर्टों के बाद बढ़ा विवाद

स्लाविन के अनुसार, उन्हें मिले बर्खास्तगी नोटिस में ‘अवज्ञा’ को कार्रवाई की वजह बताया गया. यह मामला जुलाई में अमेरिका के सीबीएस न्यूज को दिए गए उनके एक इंटरव्यू से जुड़ा था, जिसमें उन्होंने अखबार के संपादकीय काम में दखल की बात कही थी.

स्लाविन ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि Stars and Stripes को सरकारी पीआर के रूप में बदलना एक रेड लाइन होगी, जिसे पार नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने स्वतंत्र रिपोर्टिंग की आवश्यकता पर अपना रुख कायम रखा.

जनवरी से शुरू हुआ दबाव

अखबार पर दबाव अचानक नहीं बढ़ा. द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, जनवरी में पेंटागन ने वर्षों से लागू उन नियमों को वापस ले लिया था, जो सैन्य अखबार में खबरों के स्वतंत्र प्रवाह की गारंटी देते थे. पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने उस समय अखबार को 'वोक डिस्ट्रैक्शंस' यानी कथित वैचारिक मुद्दों से हटने की जरूरत बताई थी.

इसके बाद मार्च में पेंटागन के एक ज्ञापन ने न्यूज एजेंसी एपी की वायर खबरों को दोबारा प्रकाशित करने और कॉमिक्स छापने पर रोक लगा दी. निर्देश दिया गया कि अखबार की सामग्री अच्छे अनुशासन और व्यवस्था के अनुरूप होनी चाहिए.

फिर अप्रैल में अखबार की आंतरिक संपादकीय ओम्बड्समैन (लोकपाल) जैकलीन स्मिथ को भी हटा दिया गया. उन्होंने विभाग के संपादकीय हस्तक्षेप की आलोचना की थी. उनकी बर्खास्तगी के बाद पेंटागन के खिलाफ फर्स्ट अमेंडमेंट से जुड़ा मुकदमा भी शुरू हुआ.

सैन्य अधिकारियों की भूमिका से नई चिंता

शुक्रवार को पेंटागन के पूर्व वरिष्ठ प्रवक्ता कैप्टन विलियम अर्बन ने एक पत्र प्रकाशित किया. इसमें उन्होंने 'संपादकीय रूप से स्वतंत्र रिपोर्टिंग' के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई. उन्हें हाल में प्रकाशक के सैन्य डिप्टी के पद पर नियुक्त किया गया है. हालांकि, एक ओर सैन्य प्रवक्ताओं को अखबार के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिकाएं देना और दूसरी ओर अनुभवी न्यूजरूम नेतृत्व को लगातार हटाना आलोचकों के लिए चिंता का विषय है.

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अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

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अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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