सिंधु जल संधि पर बौखलाया पाकिस्तान, मंत्री अहसान इकबाल बोले- पानी को हथियार बना रहा भारत

भारत द्वारा सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को ठंडे बस्ते में (In Abeyance) डाले जाने से पाकिस्तान में खलबली मच गई है. शहबाज शरीफ सरकार में योजना एवं विकास मंत्री अहसान इकबाल ने आरोप लगाया है कि भारत पानी को एक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है. अंतरराष्ट्रीय मंच एशिया सोसाइटी (Asia Society) में दिए एक इंटरव्यू में पाकिस्तानी मंत्री का यह डर और लाचारी साफ तौर पर छलकती नजर आई.

पाकिस्तानी मंत्री अहसान इकबाल ने कहा, "सिंधु जल संधि एक अछूता विषय था क्योंकि यह एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है. लेकिन इस बार भारत सरकार ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए इसे रोक दिया है. इसने हमारे सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है." उन्होंने आगे दावा किया कि आधुनिक इतिहास में शायद पहली बार पानी को हथियार बनाया गया है. अहसान इकबाल के मुताबिक, "पाकिस्तान अब इस बड़े खतरे का सामना कर रहा है कि भारत जब चाहे तब पानी रोककर हमारी फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है और जब जरूरत न हो तब पानी छोड़कर बाढ़ की स्थिति पैदा कर सकता है."

डैम बनाकर बफर तैयार कर रहा पाकिस्तान

भारत के इस कड़े फैसले से बचने के उपाय पर बात करते हुए अहसान इकबाल ने कहा कि पाकिस्तान जिन नए बांधों का निर्माण कर रहा है, वे ऐसे संकट के समय बफर के रूप में काम करेंगे. हालांकि, उन्होंने माना कि यह समस्या सिर्फ बांध बनाने से हल नहीं होगी और पाकिस्तान इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय और कूटनीतिक स्तर पर उठा रहा है.


पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को किया था स्थगित

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए घातक आतंकी हमले के एक दिन बाद, 23 अप्रैल 2025 को भारत सरकार ने 1960 की सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया था. यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक में लिया गया था.


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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