पाकिस्तानी मंत्री अहसान इकबाल ने कहा, "सिंधु जल संधि एक अछूता विषय था क्योंकि यह एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है. लेकिन इस बार भारत सरकार ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए इसे रोक दिया है. इसने हमारे सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है." उन्होंने आगे दावा किया कि आधुनिक इतिहास में शायद पहली बार पानी को हथियार बनाया गया है. अहसान इकबाल के मुताबिक, "पाकिस्तान अब इस बड़े खतरे का सामना कर रहा है कि भारत जब चाहे तब पानी रोककर हमारी फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है और जब जरूरत न हो तब पानी छोड़कर बाढ़ की स्थिति पैदा कर सकता है."
डैम बनाकर बफर तैयार कर रहा पाकिस्तान
भारत के इस कड़े फैसले से बचने के उपाय पर बात करते हुए अहसान इकबाल ने कहा कि पाकिस्तान जिन नए बांधों का निर्माण कर रहा है, वे ऐसे संकट के समय बफर के रूप में काम करेंगे. हालांकि, उन्होंने माना कि यह समस्या सिर्फ बांध बनाने से हल नहीं होगी और पाकिस्तान इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय और कूटनीतिक स्तर पर उठा रहा है.
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को किया था स्थगित
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए घातक आतंकी हमले के एक दिन बाद, 23 अप्रैल 2025 को भारत सरकार ने 1960 की सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया था. यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक में लिया गया था.
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