तंगहाल पाकिस्तान की खुली किस्मत! सिंध में मिला तेल और गैस का भंडार, एक दिन का प्रोडक्शन केवल इतना

Pakistan Oil Gas Discovery OGDCL: पाकिस्तान की सरकारी ऊर्जा कंपनी ओजीडीसीएल ने सिंध के संघर जिले में तेल और गैस का नया भंडार मिलने का दावा किया है. बॉबी डीप-1 कुएं से प्रतिदिन 2,000 बैरल तेल और 1.1 एमएमएससीएफडी गैस उत्पादन की जानकारी दी गई है.

Pakistan Oil Gas Discovery OGDCL: पाकिस्तान को ऊर्जा जरूरतों को घरेलू संसाधनों से पूरा करने की दिशा में एक अहम सफलता मिली है. देश की सरकारी तेल एवं गैस कंपनी ओजीडीसीएल (ऑयल एंड गैस डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड) ने खोजी कुएं बॉबी डीप-1 से तेल और गैस का नया भंडार मिलने की घोषणा की है. यह खोज सिंध प्रांत के संघर जिले के बॉबी और धमराकी माइनिंग लीज क्षेत्र में हुई है. कंपनी का कहना है कि यह खोज भविष्य में ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम करने और घरेलू उत्पादन बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है.

डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, ओजीडीसीएल ने बुधवार को जारी बयान में बताया कि संघर जिले में स्थित बॉबी डीप-1 खोजी कुएं में लोअर गोरू फॉर्मेशन के मैसिव सैंड गैप की जांच की गई. यहां से हर रोज लगभग 2,000 बैरल तेल और 1.1 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक फीट गैस उत्पादन की क्षमता सामने आई है.

ओजीडीसीएल ने 3 जून को पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज और लंदन स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी भेजी. इस कंपनी के पास इस लीज क्षेत्र में 100 प्रतिशत कार्यकारी हिस्सेदारी है. यह परीक्षण केस्ड-होल ड्रिल स्टेम टेस्ट (डीएसटी) के जरिए किया गया, जिससे यह साबित हुआ कि संबंधित भंडार में व्यावसायिक स्तर पर हाइड्रोकार्बन मौजूद हैं.  

बोडी डीप-1 कुएं से कितना उत्पादन हुआ?

ओजीडीसीएल के अनुसार परीक्षण के दौरान बोडी डीप-1 कुएं से 32/64 इंच चोक साइज पर तेल मिला. वहीं कुएं का वेलहेड फ्लोइंग प्रेशर 1,050 पाउंड प्रति वर्ग इंच (पीएसआई) रिकॉर्ड किया गया. कंपनी ने बताया कि कुएं की ड्रिलिंग 3,305 मीटर की गहराई तक की गई थी. यह सेम्बर फॉर्मेशन में स्थित है. इस पूरी खोज को ओजीडीसीएल की आंतरिक तकनीकी और परिचालन क्षमताओं के बल पर अंजाम दिया गया.

माइनिंग लीज क्षेत्र में पहली हाइड्रोकार्बन खोज

कंपनी के मुताबिक बॉबी और धमराकी माइनिंग लीज क्षेत्र में मैसिव सैंड प्ले से यह पहली हाइड्रोकार्बन खोज है. ओजीडीसीएल का मानना है कि इस उपलब्धि ने इलाके में मौजूद समान भूगर्भीय संरचनाओं की संभावनाओं को भी मजबूत किया है. कंपनी ने कहा कि इस खोज से आसपास के क्षेत्रों में मौजूद समान संभावित भंडारों से जुड़े जोखिम कम हुए हैं और भविष्य में नए संसाधनों की तलाश के लिए रास्ते खुले हैं.

क्या होता है ड्रिल स्टेम टेस्ट?

ड्रिल स्टेम टेस्ट तेल और गैस खोज प्रक्रिया का एक अस्थायी परीक्षण तरीका है. इसके जरिए किसी भूगर्भीय संरचना के दबाव, पारगम्यता और उत्पादन क्षमता का आकलन किया जाता है. इससे यह पता लगाने में मदद मिलती है कि कुएं में व्यावसायिक उत्पादन योग्य भंडार मौजूद है या नहीं, और इसके लिए स्थायी ढांचे पर भारी खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती.

पहले आई थीं तकनीकी चुनौतियां

कंपनी के अनुसार, इस परियोजना के दौरान भूगर्भीय स्तर पर कई जटिल चुनौतियां सामने आई थीं. इन समस्याओं के कारण एक समय ड्रिलिंग कार्य रोकना पड़ा था. हालांकि, परियोजना को बंद करने के बजाय ओजीडीसीएल ने स्थानीय विशेषज्ञों की मदद से समाधान तलाशने का फैसला किया. इसके लिए कंपनी के भूवैज्ञानिकों और इंजीनियरों की टीम ने जामशोरो स्थित सिंध विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर प्योर एंड एप्लाइड जियोलॉजी के विशेषज्ञों के साथ मिलकर विस्तृत अध्ययन किया.

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आगे बढ़ सकती है खोज और उत्पादन गतिविधियां

ओजीडीसीएल का आकलन है कि इस सफलता से आसपास के क्षेत्रों में अन्वेषण गतिविधियों को गति मिलेगी. कंपनी को उम्मीद है कि समान भूगर्भीय संरचनाओं वाले अन्य क्षेत्रों में भी नए तेल और गैस भंडार मिल सकते हैं. कंपनी का मानना है कि यह खोज पाकिस्तान में घरेलू तेल और गैस उत्पादन बढ़ाने में मदद करेगी. इससे आयातित ऊर्जा पर निर्भरता कम हो सकती है, राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और देश के कुल हाइड्रोकार्बन भंडार में भी बढ़ोतरी होगी.

लेकिन नंगा नहाएगा क्या और निचोड़ेगा क्या?

पाकिस्तान में एक दिन में 4 लाख बैरल से अधिक की तेल खपत होती है. ऐसे में दिन में 2000 बैरल प्रतिदिन का तेल मिलना इतनी बड़ी खोज भी नहीं है. पाकिस्तान अपनी जरूरत का 80 प्रतिशत तेल खाड़ी और अन्य देशों से आयात करता है. हां! कुल खर्च में बॉबी डीप-1 से मिलने वाले  0.5 प्रतिशत की घरेलू उत्पादन का इजाफा उसे राहत जरूर देगा.

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By Anant narayan shukla

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