भारत को घर में घुसकर मारेंगे… पाकिस्तानी मंत्री की गीदड़भभकी, राजनाथ सिंह के बयान पर बिलबिलाए

Pakistan Minister Threatens India: भारतीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को किसी भी शरारत पर चेतावनी दी थी. इस पर पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने तीखी टिप्पणी करते हुए भारत को धमकी दी है. उन्होंने कहा कि अगर भारत ने हमला किया, तो पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई 200-250 किमी के दायरे को पार कर जाएगी.

Pakistan Minister Threatens India: पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का धमकी भरा बयान सामने आया है. उन्होंने बेहद तीखे अंदाज में भारत को कड़ी चेतावनी दी है.  उन्होंने कहा कि भविष्य में कोई भी संघर्ष पहले की बॉर्डर तक सीमित नहीं रहेगा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना भारत के अंदर तक हमला करेगी. आसिफ का यह ताजा बयान भारत के रक्षा मंत्री की टिप्पणी के जवाब में आया है. मंत्री राजनाथ सिंह ने ईरान युद्ध की पृष्ठभूमि में पाकिस्तान को किसी भी ‘दुस्साहस’ से बचने की चेतावनी दी थी.

ख्वाजा आसिफ ने एक टीवी प्रोग्राम पर यह टिप्पणी की. उन्होंने कहा, ‘आप भारत की बात कर रहे हैं, तो यह जान लें कि अगर उन्होंने फिर कोशिश की, तो इंशाअल्लाह उन्हें पहले से भी ज्यादा अपमान सहना पड़ेगा.’ आसिफ ने आगे कहा, ‘इस बार यह 200–250 किलोमीटर तक सीमित नहीं रहेगा, युद्ध और अंदर तक जाएगा. अब हम घरों के अंदर और आरएसएस सदस्यों के कैंपों में हमला करेंगे.’ आसिफ की इस टिप्पणी  का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. देखें-

भारतीय रक्षा मंत्री ने क्या कहा था?

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था, ‘हमारा पड़ोसी मौजूदा हालात को देखते हुए किसी तरह की शरारत करने की कोशिश कर सकता है. अगर ऐसा हुआ, तो भारत का जवाब अभूतपूर्व और निर्णायक होगा.’ उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है. केरल में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को याद दिलाया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने उसे महज 22 मिनट में घुटनों पर ला दिया था. यह ऑपरेशन 22 अप्रैल को पहलगाम में लश्कर आतंकियों द्वारा 26 पर्यटकों की हत्या के बाद मई में शुरू किया गया था.

ऑपरेशन सिंदूर की पहली बरसी से पहले बरसे आसिफ

आसिफ की यह टिप्पणी 2025 के पहलगाम हमले और भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली बरसी से कुछ दिन पहले आई है. ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया एक्स पर भी इस मामले पर लिखा. उन्होंने कहा, ‘बार-बार की जा रही यह बयानबाजी ताकत नहीं, बल्कि पहलगाम हमले की बरसी नजदीक आने के साथ दिख रही रणनीतिक चिंता को दर्शाती है.’ उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की धमकी देना कोई नई बात नहीं है. ख्वाजा ने इसे एक तयशुदा पैटर्न का हिस्सा बताते हुए बिना आधार के आरोप लगाकर तनाव बढ़ाने की कोशिश बताया. आसिफ ने अपनी गीदड़भभकी को यहां भी दोहराते हुए कहा कि भविष्य में किसी भी तरह की स्थिति बिगड़ने पर पाकिस्तान और भी कड़ा जवाब देगा.

पहलगाम हमले के बाद बढ़ा तनाव

22 अप्रैल 2025 को पहलगाम हमले में कश्मीर में आतंकियों ने धर्म पूछ-पूछकर 26 निर्दोष हिंदू पुरुषों की जान ले ली थी. इसके बाद भारत ने 6-7 मई 2025 की दरमियानी रात पाकिस्तान के ऊपर ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया.  इसकी वजह से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया था, जिसके चलते चार दिनों तक सैन्य टकराव चला.

इस दौरान भारत ने पाकिस्तान के अंदर गहराई तक जाकर नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया और कई अहम सैन्य ठिकानों पर भी हमला किया, जिनमें से कुछ अभी भी मरम्मत के दौर में हैं. आखिरकार 10 मई को पाकिस्तान द्वारा युद्धविराम की मांग के बाद यह टकराव खत्म हुआ. 

अब्दुल बासित ने भी की थी भड़काऊ टिप्पणी

केवल ख्वाजा आसिफ ही नहीं हाल के दिनों में पाकिस्तान की ओर से इस तरह के कई बयान सामने आए हैं. सबसे ताजा मामला भारत में पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित का है. उन्होंने कहा था कि अगर अमेरिका पाकिस्तान पर हमला करता है, तो जवाब में इस्लामाबाद भारत के बड़े शहरों को निशाना बना सकता है. उन्होंने दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों का नाम लिया था. 

क्या यह सिर्फ बयानबाजी है या है कोई खतरा?

विश्लेषकों के अनुसार, ख्वाजा आसिफ और अब्दुल बासित जैसे नेता और अधिकारियों के बयान पाकिस्तान की घरेलू राजनीति के तहत की गई रणनीतिक बयानबाजी हैं. पाकिस्तान इन दिनों देश के भीतर कई संकटों का सामना कर रहा है.  ऐसे में नेता जनता का समर्थन जुटाने और घरेलू समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए भारत के खिलाफ सख्त भाषा का इस्तेमाल पहले भी करते रहे हैं. 

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पाकिस्तान मुसीबतों में फंसा

इस समय पाकिस्तान अपनी पश्चिमी सीमा पर अफगान तालिबान के साथ ‘खुले युद्ध’ जैसी स्थिति में उलझा हुआ है, जहां पिछले साल के अक्तूबर महीने से ही सीमा पार झड़पें  हो रही हैं. वहीं बलूचिस्तान, केपीके और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में भी लगातार अशांति बनी हुई है, जिससे सरकार पर भारी दबाव है. 

इसके अलावा ईरान युद्ध की वजह से उसके ऊपर दोहरा खतरा मंडरा रहा है. एक तो सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौता, जिसकी वजह से उसे ईरान के खिलाफ वॉर में कूदना पड़ सकता है. दूसरा ईरान के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष मोर्चा खोलने पर खुद की शिया आबादी की बगावत का डर.

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‘ऑपरेशन सिंदूर’ का खौफ पाकिस्तान के अंदर तक बसा

ऐसे में भारत के अंदर गहराई तक कोई बड़ा सैन्य अभियान चलाना पाकिस्तान के लिए आसान नहीं होगा. इसी वजह से कई विशेषज्ञ इन धमकियों को मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश मानते हैं, न कि वास्तविक सैन्य योजना. हालांकि, असली खतरा इस बात में है कि इस तरह के बयान तनाव को और बढ़ा सकते हैं. खैर, ख्वाजा आसिफ के बयान से एक बात और साफ होती है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की याद पाकिस्तान के दिलो-दिमाग में अभी भी ताजा है, क्योंकि उस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के अंदर तक घुसकर कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था. 

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लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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