पाकिस्तान में महिलाओं का हाल बेहाल, WEF ने खोली पोल; बराबरी और मौके मामले में 143वें नंबर पर,जानें कहां है भारत

Gender Gap Report 2026 : WEF के मुताबिक पाकिस्तान में महिलाओं और पुरुषों के बीच जेंडर गैप 59.5% है. शिक्षा में सुधार के बावजूद नौकरी, कमाई और नेतृत्व के अवसरों में महिलाएं अब भी काफी पीछे हैं.

पाकिस्तान में महिलाओं और पुरुषों के बीच बराबरी की तस्वीर हैरान करने वाली है, कामकाज और कमाई के मामले में महिलाओं की स्थिति अब भी काफी पीछे है. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम यानी WEF की ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट 2026 में पाकिस्तान 145 देशों में 143वें स्थान पर है. पाकिस्तान में महिलाओं और पुरुषों के बीच जेंडर गैप 59.5 फीसदी है. हालांकि पिछले साल की तुलना में यह 2.8 प्रतिशत अंक बेहतर है, लेकिन कुल रैंकिंग में पाकिस्तान अब भी सबसे निचले पायदान वाले देशों में शामिल है. उससे नीचे केवल ईरान और चाड हैं.

WEF ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स मापने के लिए प्रमुख चार मुख्य क्षेत्रों को देखता है. इसमें इकोनॉमिक पार्टिसिपेशन एंड अपॉर्च्युनिटी, एजुकेशनल अटेनमेंट, हेल्थ एंड सर्वाइवल और पॉलिटिकल एम्पावरमेंट शामिल है.

पाक में महिलाओं की नौकरी और कमाई सबसे बड़ी चुनौती

  • पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ी चिंता इकोनॉमिक पार्टिसिपेशन एंड अपॉर्च्युनिटी यानी आर्थिक भागीदारी और अवसर है. इस मामले में पाकिस्तान का स्कोर सिर्फ 36.4 फीसदी है और वह दुनिया में 144 वें स्थान पर है. डब्ल्यूईएफ के मुताबिक, दक्षिण एशिया में भी पाकिस्तान इस मामले में सबसे नीचे है.
  • महिलाओं और पुरुषों की लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन में भी बड़ा अंतर है. इसमें पाकिस्तान का जेंडर पैरिटी स्कोर 34.6 फीसदी है. इसका मतलब है कि कामकाजी उम्र की महिलाओं की जॉब मार्केट भागीदारी पुरुषों की तुलना में काफी कम है.
  • सीनियर अधिकारियों, मैनेजर और विधायकों जैसे पदों पर महिलाओं की हिस्सेदारी से जुड़ा पैरिटी स्कोर तो सिर्फ 6.5 फीसदी है. वहीं प्रोफेशनल और टेक्निकल कामों में यह आंकड़ा 44.9 फीसदी है. महिलाओं की अनुमानित कमाई भी पुरुषों की तुलना में काफी पीछे है और अर्न्ड इनकम पैरिटी का स्कोर 26.3 फीसदी है.

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शिक्षा में बढ़ी बराबरी से सुधार रैंकिंग

  • पाकिस्तान के कुल स्कोर में इस साल सुधार की सबसे बड़ी वजह एजुकेशनल अटेनमेंट है. शिक्षा के क्षेत्र में देश का पैरिटी स्कोर बढ़कर 91.7 फीसदी हो गया. पिछले साल के मुकाबले इसमें छह प्रतिशत अंक से ज्यादा का सुधार हुआ है.
  • WEF के अनुसार, 2006 के बाद से पाकिस्तान में शिक्षा के क्षेत्र में जेंडर पैरिटी करीब 21 प्रतिशत अंक बढ़ी है. प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा में भी लड़कियों की भागीदारी बढ़ी है.
  • यानी शिक्षा के मोर्चे पर पाकिस्तान ने प्रगति की है, लेकिन शिक्षा में सुधार का असर अभी उसी स्तर पर रोजगार और कमाई में दिखाई नहीं देता.

राजनीति में भी महिलाओं की हिस्सेदारी कम

  • पॉलिटिकल एम्पावरमेंट यानी राजनीतिक सशक्तिकरण के मामले में पाकिस्तान का स्कोर 14.1 फीसदी है. इस क्षेत्र में उसकी वैश्विक रैंकिंग 107वीं है.
  • संसद और मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधित्व में पिछले साल के मुकाबले सुधार हुआ है, लेकिन महिलाओं की हिस्सेदारी अभी भी सीमित है.
  • WEF के आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्तान की संसद में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 21.69 फीसदी है, जबकि पुरुषों की हिस्सेदारी 78.31 फीसदी है. मंत्रिस्तरीय पदों में महिलाओं की हिस्सेदारी सिर्फ 3.45 फीसदी दर्ज की गई.

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2006 से सुधार हो रहा लेकिन अब भी हैं चुनौती

2006 में पाकिस्तान का ग्लोबल जेंडर गैप स्कोर 54.3 फीसदी था जो 2026 में बढ़कर 59.5 फीसदी हो गया है.यानी दो दशकों में 5.2 प्रतिशत अंक सुधार हुआ है. रिपोर्ट बताती है कि पाकिस्तान में महिलाओं की शिक्षा से जुड़े अंतर को कम करने में प्रगति हुई है, लेकिन नौकरी, नेतृत्व और कमाई के मामले में पुरुषों और महिलाओं के बीच अंतर अब भी बड़ा है.  

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By गौतम कुमार

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