पाकिस्तान ने भारत पर बढ़ाया 1 महीने का बैन, 24 दिसंबर को होना था खत्म, क्या फर्क पड़ेगा?

Pakistan Extends Airspace Ban On Indian Aircrafts: पाकिस्तान ने भारतीय एयरलाइंस और विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र पर लगी पाबंदी को एक और महीने के लिए बढ़ा दिया है. इसके तहत भारतीय पंजीकृत विमानों, भारतीय एयरलाइंस के स्वामित्व वाले, उनके द्वारा संचालित या लीज पर लिए गए विमानों को, जिसमें सैन्य उड़ानें भी शामिल हैं, पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति नहीं होगी. नोटिस के अनुसार यह बंदी भारतीय समयानुसार 24 जनवरी की सुबह तक लागू रहेगी.

Pakistan Extends Airspace Ban On Indian Aircrafts: पाकिस्तान ने भारतीय एयरलाइंस और विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र पर लगी पाबंदी को एक और महीने के लिए बढ़ा दिया है. पाकिस्तान के विमानन अधिकारियों द्वारा जारी ताजा नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) के मुताबिक यह प्रतिबंध अब 24 जनवरी की सुबह तक प्रभावी रहेगा. माना जा रहा है कि भारत भी जल्द ही इसी तरह का जवाबी कदम उठाते हुए पाकिस्तानी एयरलाइंस और विमानों पर अपने प्रतिबंध को समान अवधि के लिए आगे बढ़ा देगा. ऐसा होने पर दोनों देशों के बीच एक-दूसरे के हवाई क्षेत्र पर लगाए गए प्रतिबंधों को लगभग नौ महीने पूरे हो जाएंगे.

पाकिस्तान की ओर से जारी ताजा NOTAM की शर्तें पहले के नोटिस जैसी ही हैं, फर्क सिर्फ इसकी वैधता अवधि का है. इसके तहत भारतीय पंजीकृत विमानों, भारतीय एयरलाइंस के स्वामित्व वाले, उनके द्वारा संचालित या लीज पर लिए गए विमानों को, जिसमें सैन्य उड़ानें भी शामिल हैं, पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति नहीं होगी. नोटिस के अनुसार यह बंदी भारतीय समयानुसार 24 जनवरी की सुबह तक लागू रहेगी.

पहलगाम हमले के बाद शुरू हुआ सिलसिला

भारत और पाकिस्तान के बीच यह तनाव अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद बढ़ा था. हमले के बाद दोनों देशों के रिश्तों में आई कड़वाहट के बीच पाकिस्तान ने 24 अप्रैल को पहली बार भारतीय विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद किया. शुरुआत में यह फैसला एक महीने के लिए लिया गया था. इसके जवाब में भारत ने भी 30 अप्रैल को पाकिस्तानी विमानों और एयरलाइंस के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया. इसके बाद से दोनों देश हर महीने नया NOTAM जारी कर इन प्रतिबंधों को लगातार बढ़ाते आ रहे हैं. हालांकि, इस दौरान दोनों देशों का हवाई क्षेत्र तीसरे देशों की एयरलाइंस के लिए खुला रहा है.

पहले ही जारी कर दिया गया नया नोटिस

पाकिस्तान ने पिछला NOTAM खत्म होने से करीब एक सप्ताह पहले ही नया नोटिस जारी कर दिया था. भारत का मौजूदा प्रतिबंध भी 24 नवंबर को समाप्त होना है और उम्मीद जताई जा रही है कि भारतीय विमानन प्राधिकरण भी उससे पहले नया NOTAM जारी कर इसे आगे बढ़ा देंगे.

800 साप्ताहिक उड़ानों पर असर

इन प्रतिबंधों का असर भारतीय एयरलाइंस की लगभग 800 साप्ताहिक उड़ानों पर पड़ रहा है, जिनमें आने-जाने दोनों तरह की उड़ानें शामिल हैं. ये उड़ानें आमतौर पर दिल्ली, अमृतसर और जयपुर जैसे उत्तर भारत के प्रमुख हवाई अड्डों से आमतौर पर उत्तर भारत से पश्चिम एशिया, कॉकस क्षेत्र, यूरोप, ब्रिटेन और पूर्वी उत्तरी अमेरिका के लिए संचालित होती हैं. करीब 800 साप्ताहिक उड़ानें इससे प्रभावित हो रही हैं. अब इन विमानों को लंबे वैकल्पिक मार्गों से उड़ान भरनी पड़ रही है. इसके चलते कई रूट्स पर उड़ान का समय 15 मिनट से लेकर कई घंटों तक बढ़ गया है. लंबे मार्गों के कारण ईंधन की खपत बढ़ी है और क्रू मैनेजमेंट तथा फ्लाइट शेड्यूलिंग भी ज्यादा जटिल हो गई है. इसका सीधा असर एयरलाइंस की परिचालन लागत पर पड़ा है. बढ़ते खर्च के चलते टिकट कीमतों पर दबाव और एयरलाइंस की मुनाफाखोरी पर असर पड़ना तय माना जा रहा है.

एयर इंडिया को सालाना 4,000 करोड़ का झटका

पिछले महीने टाटा समूह की एयरलाइन एयर इंडिया ने भारत सरकार को पत्र लिखकर चीन से मदद दिलाने का अनुरोध किया था, ताकि शिनजियांग के एक संवेदनशील सैन्य हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की अनुमति मिल सके और लंबी उड़ानों से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके. एयर इंडिया का अनुमान है कि पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र बंद रहने से उसे सालाना आधार पर करीब 4,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है.

हाल के वर्षों में अन्य भारतीय एयरलाइंस, खासकर इंडिगो ने भी अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया है. खास बात यह है कि इंडिगो ही एकमात्र भारतीय एयरलाइन है, जो मध्य एशिया, कॉकस और तुर्की के लिए उड़ानें संचालित करती है. वहीं 2019 में लगे बैन से एयर इंडिया सबसे ज्यादा प्रभावित हुई थी, क्योंकि वह पश्चिम की ओर जाने वाली सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करती थी. उस समय भी और आज भी वही उत्तरी अमेरिका के लिए अल्ट्रा-लॉन्ग-हॉल उड़ानें संचालित करने वाली एकमात्र भारतीय एयरलाइन है.

पाकिस्तान पर असर सीमित लेकिन भारतीय एयरलाइंस की स्थिति अलग

भारत द्वारा लगाए गए जवाबी प्रतिबंध का पाकिस्तान पर अपेक्षाकृत कम असर पड़ा है. पाकिस्तान की राष्ट्रीय एयरलाइन पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या सीमित है और वह पहले से ही गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रही है. विमानन विश्लेषण कंपनी सिरियम के आंकड़ों के मुताबिक, प्रतिबंध से पहले PIA की केवल करीब छह साप्ताहिक उड़ानें ही भारत के हवाई क्षेत्र से होकर गुजरती थीं.

वहीं भारतीय एयरलाइंस के लिए स्थिति बिल्कुल अलग है. भारत की सभी प्रमुख एयरलाइंस पश्चिम दिशा में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करती हैं और इनमें से कई पहले पाकिस्तान के ऊपर से गुजरती थीं. एयर इंडिया पश्चिम एशिया, यूरोप, ब्रिटेन और उत्तरी अमेरिका तक उड़ानें चलाती है. इंडिगो पश्चिम एशिया, तुर्की, कॉकस और मध्य एशिया तक सेवाएं देती है और हाल के महीनों में उसने यूरोप के लिए भी उड़ानें शुरू की हैं. पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र बंद होने के बाद इंडिगो को दिल्ली से अल्माटी और ताशकंद की उड़ानें निलंबित करनी पड़ीं. इसके अलावा एयर इंडिया एक्सप्रेस, अकासा एयर और स्पाइसजेट भी मुख्य रूप से पश्चिम एशिया के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करती हैं.

वित्तीय दबाव और आगे की चुनौती

भारतीय एयरलाइंस पर इसका वित्तीय असर काफी गंभीर है. 2019 में जब पाकिस्तान ने चार महीने से ज्यादा समय तक अपना हवाई क्षेत्र बंद रखा था, तब भारतीय एयरलाइंस को करीब 700 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था. मौजूदा स्थिति में, जब भारतीय विमानन क्षेत्र पहले से कहीं ज्यादा विस्तार कर चुका है, यह नुकसान कहीं अधिक गंभीर साबित हो सकता है. ऐसे में हवाई क्षेत्र बंदी भारत की तेजी से बढ़ती एविएशन इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रही है.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

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