पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बड़ा एक्शन: 40 घंटे में 145 आतंकवादी ढेर, 17 सुरक्षाकर्मी भी मारे गए; CM बुगती का दावा

बलूचिस्तान में आतंक के खिलाफ सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है. मुख्यमंत्री सरफराज बुगती और पाकिस्तानी सेना के मुताबिक, 40 घंटों के भीतर कई जिलों में चले अभियानों में बड़ी संख्या में आतंकवादी मारे गए. आम नागरिकों को भी इन हमलों का नुकसान उठाना पड़ा.

पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में पिछले 40 घंटों के भीतर आतंकवाद के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है. प्रांत के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने रविवार को बताया कि अलग-अलग आतंकवाद विरोधी अभियानों में 145 आतंकवादी मारे गए हैं, जबकि सुरक्षा बलों के 17 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं.

सभी आतंकवादियों के शव सुरक्षा एजेंसियों के पास

क्वेटा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने कहा कि मारे गए सभी 145 आतंकवादियों के शव सरकारी एजेंसियों के कब्जे में हैं और उनकी पहचान की प्रक्रिया चल रही है. उन्होंने दावा किया कि सुरक्षा बलों द्वारा आतंकवाद के खिलाफ अभियान शुरू होने के बाद इतने कम समय में यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है.

मुख्यमंत्री के मुताबिक, क्वेटा, सिबी, ग्वादर, नोशकी और पसनी समेत कई इलाकों में आतंकवादियों से लड़ते हुए कानून व्यवस्था संभालने वाली एजेंसियों और सुरक्षा बलों के 17 जवानों ने जान गंवाई.

सेना ने भी जारी किया बयान

इससे पहले पाकिस्तानी सेना ने अपने बयान में कहा था कि सुरक्षा बलों के अभियानों में 92 आतंकवादी और 15 सैनिक मारे गए हैं. सेना के अनुसार, ये ऑपरेशन जातीय बलूच आतंकवादी संगठनों द्वारा शनिवार को किए गए कई हमलों के बाद शुरू किए गए.

सेना के बयान में बताया गया कि आतंकवादियों ने क्वेटा, मस्तुंग, नुश्की, दलबंदीन, खरान, पंजगुर, तुम्प, ग्वादर और पसनी के आसपास हिंसक गतिविधियां कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की.

हमलों में 18 नागरिकों की मौत हुई

सेना ने कहा कि सुरक्षा बल और कानून लागू करने वाली एजेंसियां पहले से सतर्क थीं, इसलिए समय रहते कार्रवाई की गई और आतंकियों की योजना नाकाम कर दी गई. बयान के मुताबिक, लंबे और कठिन अभियानों के बाद तीन आत्मघाती हमलावरों समेत 92 आतंकवादी मारे गए.

सेना ने यह भी बताया कि आतंकवादियों ने आम लोगों को भी निशाना बनाया, जिसमें महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और मजदूर शामिल थे. इन हमलों में 18 नागरिकों की मौत हुई, जबकि मुठभेड़ों के दौरान 15 सुरक्षाकर्मी मारे गए. मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने मीडिया को बताया कि पसनी और क्वेटा में आतंकवादियों ने दो महिला हमलावरों का इस्तेमाल किया था.

क्वेटा पर बड़े हमले की पहले से जानकारी

मुख्यमंत्री के अनुसार, खुफिया एजेंसियों को पहले ही क्वेटा पर बड़े हमले की सूचना मिल गई थी. उन्होंने बताया कि शनिवार रात आतंकवादियों ने 12 अलग-अलग जगहों पर पुलिस, फ्रंटियर कोर, सुरक्षा बलों और नागरिकों को निशाना बनाया. बुगती ने यह भी साफ किया कि क्वेटा में दो आत्मघाती हमलावरों को मार गिराया गया, जिससे बड़े नुकसान को रोका जा सका.

ये भी पढ़ें: पाकिस्तान, चीन, रूस और यूएस के मुकाबले डिफेंस पर कितना पैसा खर्च कर रहा भारत? 2026 के बजट से कितना असर?

ये भी पढ़ें:- Budget 2026: 15% बढ़कर 7.8 लाख करोड़ रुपये हुआ रक्षा बजट, चीन-पाकिस्तान से निपटने का पूरा प्लान; जेट-ड्रोन-सबमरीन

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >