Nuclear War : भारत और पाक में हो जाता न्यूक्लियर वॉर, डोनाल्ड ट्रंप बोले– मैंने रोका दोनों को

Nuclear War : भारत सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे को खारिज करते हुए कहा कि 10 मई का संघर्षविराम भारत-पाक सेनाओं के बीच सीधे संपर्क से हुआ, न कि अमेरिका की मध्यस्थता से. इस बीच ट्रंप ने एक बार फिर दोहराया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच न्यूक्लियर वॉर की आशंका बढ़ गई थी. दोनों देशों को मैंने रोका.

Nuclear War : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने विवादास्पद दावे को दोहराया है. इसमें उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान को पूर्ण संघर्ष विराम, यहां तक ​​कि संभवतः न्यूक्लियर वॉर में शामिल होने से रोका है. डोनाल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, “हमने व्यापार पर बात की और कहा कि हम उन लोगों के साथ व्यापार नहीं कर सकते जो एक-दूसरे पर गोली चला रहे हैं. संभावित रूप से परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं.’

प्रेस कॉन्फ्रेंस में डोनाल्ड ट्रंप के बगल में टेस्ला के सीईओ एलन मस्क बैठे थे, जो ट्रंप प्रशासन में डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी या DOGE के प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका से हट रहे हैं. ट्रंप ने कहा, “हमने भारत और पाकिस्तान को लड़ने से रोका. मेरा मानना ​​है कि यह न्यूक्लिया वॉर डिजास्टर में बदल सकता था.” उन्होंने क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए अपनी कूटनीति और दोनों देशों के नेताओं के सहयोग को श्रेय दिया. ट्रंप ने कहा कि भारत के नेताओं और पाकिस्तान के नेताओं को भी धन्यवाद देना चाहता हूं.

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भारत सरकार ने किया ट्रंप के दावे को सिरे से खारिज

भारत सरकार ने ट्रंप के दावे को सिरे से खारिज किया. भारत की ओर से कहा गया है कि 10 मई को हुआ संघर्षविराम अमेरिका की मध्यस्थता का नतीजा नहीं, बल्कि भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच सीधे संपर्क की वजह से ये संभव हुआ. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जर्मन अखबार Frankfurter Allgemeine Zeitung को दिए इंटरव्यू में कहा कि संघर्षविराम का निर्णय दोनों देशों के सैन्य कमांडरों की सीधी बातचीत की वजह से हुआ. उन्होंने कहा कि इससे पहले भारतीय सेना ने पाकिस्तान के वायु ठिकानों और सिक्योरिटी सिस्टम को निशाना बनाकर उन्हें नष्ट कर दिया.ऐसे में धन्यवाद भारतीय सेना को मिलना चाहिए, किसी और को नहीं. 

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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