North Korea Missile Test: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब कोरियाई प्रायद्वीप तक पहुंच गया है. वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, अमेरिका अपनी एयर डिफेंस क्षमता को मजबूत करने के लिए दक्षिण कोरिया से ‘THAAD’ सिस्टम और ‘पैट्रियट मिसाइल बैटरी’ हटाकर मिडिल ईस्ट भेज रहा है. इसी बीच नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने अपने नए युद्धपोत ‘चो ह्योन’ से क्रूज मिसाइलों का टेस्ट किया है. एक हफ्ते में यह दूसरा मौका है जब नॉर्थ कोरिया ने अपने नए सी-टू-सरफेस (समुद्र से जमीन पर मार करने वाले) हथियारों का परीक्षण किया है.
किम का शक्ति प्रदर्शन
इस परीक्षण के दौरान किम जोंग उन अपनी बेटी ‘जू ऐ’ के साथ नजर आए. कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) के अनुसार, किम ने कहा कि हाल ही में उनकी सेना ने सामरिक और रणनीतिक स्ट्राइक के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है. मिसाइलें नॉर्थ कोरिया के पश्चिमी तट पर स्थित द्वीपों के निशानों पर बिल्कुल सटीक लगीं. किम जोंग उन ने भविष्य में अपने बड़े युद्धपोतों को सुपरसोनिक हथियारों से लैस करने के निर्देश भी दिए हैं.
दक्षिण कोरिया की सुरक्षा को खतरा?
मीडिया रिपोर्ट्स और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, पिछले हफ्ते दक्षिण कोरिया के स्योंग्जू बेस से THAAD सिस्टम के लॉन्चर हटाते हुए देखे गए. द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट ने भी इसकी पुष्टि की है. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्यूंग का कहना है कि वे अमेरिकी हथियारों को हटाने के फैसले के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन इसे रोकना उनके हाथ में नहीं है. हालांकि, दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्रालय का दावा है कि उनके पास अपनी रक्षा के लिए पर्याप्त क्षमता और संसाधन हैं, इसलिए इससे उनकी सुरक्षा पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा.
ब्रूकिंग्स इंस्टीट्यूशन के सीनियर फेलो एंड्रयू येओ के मुताबिक, अगर केवल कुछ बैटरी ही हटाई जा रही हैं, तो जोखिम कम है, लेकिन अगर और अधिक सिस्टम हटाए गए, तो यह दक्षिण कोरिया के लिए नॉर्थ कोरिया के मिसाइल हमलों के खिलाफ खतरा पैदा कर सकता है.
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सैन्य अभ्यास पर भड़का प्योंगयांग
यह मिसाइल टेस्ट ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया अपना सालाना ‘फ्रीडम शील्ड’ सैन्य अभ्यास कर रहे हैं, जो सोमवार से शुरू हुआ है और 11 दिनों तक चलेगा. नॉर्थ कोरिया इसे हमेशा से अपने खिलाफ ‘युद्ध का पूर्वाभ्यास’ मानता आया है. किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने इस अभ्यास को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है और चेतावनी दी है कि वे दुश्मनों को अपनी सैन्य ताकत का अहसास कराएंगे.
फिलहाल, अमेरिका के करीब 28,500 सैनिक दक्षिण कोरिया में तैनात हैं. जानकारों का मानना है कि नॉर्थ कोरिया अक्सर ऐसे सैन्य अभ्यासों के जवाब में अपने हथियारों का परीक्षण करता है, ताकि वह दुनिया को यह दिखा सके कि वह परमाणु हथियारों के जरिए अपनी रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है.
