ईरान युद्ध से नेपाल पर बुरा असर, नई सरकार आने से पहले बढ़ी पेट्रोल-डीजल की कीमत

Nepal Oil Crisis: नेपाल में 5 मार्च को नई सरकार के गठन के लिए मतदान हुए. इस चुनाव में बालेन शाह की आरएसपी को (275 में 180 से ज्यादा) पूर्ण बहुमत मिला है. हालांकि, अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई, लेकिन सरकार गठन से पहले ही नेपाल में ऑयल संकट पैदा हो गया है. अंतरिम सरकार ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हुए ब्लॉकेड के बाद देश में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला लिया है.

Nepal Oil Crisis: नेपाल में अभी-अभी चुनाव खत्म हुए हैं, नई सरकार का गठन अभी हुआ भी नहीं और उससे पहले ही देश में नया संकट खड़ा हो गया है. 28 फरवरी से शुरू हुए, ईरान युद्ध की वजह पूरी दुनिया में ऑयल क्राइसिस पैदा हो गया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने की वजह से दुनिया के 20 प्रतिशत तेल के यातायात पर असर पड़ा है. अब इस संकट ने नेपाल पर भी असर डाला है. नेपाल ऑयल कार्पोरेशन (NOC) ने पश्चिम एशिया में लगातार तीसरे सप्ताह जारी तनाव के बीच पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में प्रति लीटर 15 नेपाली रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है.

एनओसी ने अपने तीन पेज के प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में तेजी आई है, जिसकी वजह से यह बढ़ोतरी करनी पड़ी. राज्य स्वामित्व वाली इस कंपनी के अनुसार रविवार सुबह से पेट्रोल की कीमत में 15 नेपाली रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है, जबकि डीजल और केरोसीन की कीमत 10 नेपाली रुपये प्रति लीटर बढ़ा दी गई है.

एनओसी के अधिकारियों ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण वैश्विक तेल कीमतों में वृद्धि हुई है, जिसके बाद यह समायोजन जरूरी हो गया था. पश्चिम एशिया दुनिया के कच्चे तेल की आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा उपलब्ध कराता है. इस क्षेत्र में बढ़े तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय ईंधन कीमतों में उछाल आया है और नेपाल जैसे देशों के लिए आयात की लागत बढ़ गई है, क्योंकि नेपाल पूरी तरह से आयातित पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भर है.

एनओसी, इंडियन ऑयल कार्पोरेशन (IOC) के साथ दीर्घकालिक समझौते के तहत पेट्रोलियम उत्पाद आयात करता है. वैश्विक तेल कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर भारतीय आपूर्तिकर्ता द्वारा भेजी जाने वाली संशोधित मूल्य सूची में दिखाई देता है.

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पश्चिम एशिया में अस्थिरता अक्सर वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव को बढ़ा देती है, क्योंकि आपूर्ति बाधित होने की आशंका के कारण कीमतें बढ़ जाती हैं. ईंधन आयात पर निर्भर नेपाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में बदलाव के अनुसार घरेलू कीमतों में अक्सर संशोधन करता है.

यह ताजा मूल्य वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब उपभोक्ता पहले से ही ईंधन की आपूर्ति और जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंतित हैं. अर्थशास्त्रियों का कहना है कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि से परिवहन लागत और बढ़ सकती है और आने वाले हफ्तों में महंगाई पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है.

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By Anant narayan shukla

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अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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