Nepal Flood: सुरंग में फंसे हो सकते हैं 200 लोग, नेपाली सेना ने ढूंढ निकाला रास्ता; भारत-चीन से मांगी मदद

नेपाल की हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की सुरंग में 200 लोगों के फंसे होने की आशंका है. नेपाली सेना ने बचाव के लिए एक रास्ता खोज निकाला है, जबकि भारत और चीन से मदद मांगी गई है.

Nepal Flood : नेपाल में 26 अगस्त को आई बाढ़ के बाद से लगातार लोगों को रेस्क्यू करने का अभियान चलाया जा रहा है. नेपाली सेना ने अपर त्रिशुली 3A जलविद्युत परियोजना में एक सुरंग के सबसे ऊपरी हिस्से का पता लगा लिया है. द काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार यहां दर्जनों लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है.

सेना ने रविवार दोपहर सुरंग का पता लगाया

नेपाली सेना के प्रवक्ता राजाराम बसनेट के अनुसार, पिछले तीन दिनों से लगातार काम कर रही एक सैन्य टीम ने रविवार दोपहर को सुरंग के ऊपरी हिस्से का पता लगा लिया. विशेषज्ञों की एक संयुक्त टीम ने सुरंग के ऊपरी हिस्से तक पहुंचने के लिए ड्रिलिंग मशीनों, उत्खननकर्ताओं (खुदाई करने वालों) और हाइड्रोलिक कटरों का इस्तेमाल किया. बसनेट ने बताया, "छेद खोदने के बाद, हमने पाया कि पानी का स्तर लगभग सात मीटर व्यास वाली सुरंग के अंदर काफी ऊपर तक फैला हुआ है."

नहीं मिली लोगों की कोई प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह के सचिवालय के अनुसार, बचाव दल ने सुरंग के ऊपरी हिस्से में छेद करके प्रवेश किया. हालांकि, बचाव दल के पुकारने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. सचिवालय ने कहा, "बचाव अभियान को आसान और तेज बनाने के लिए बड़े उपकरण लाने, विस्फोट करने और मुहाने को चौड़ा करने का काम चल रहा है."

सुरंग में फंसे हैं करीब 200 लोग

सैन्य अधिकारियों का अनुमान है कि सुरंग के अंदर कम से कम 35 लोग फंसे हो सकते हैं. यह आंकड़ा तकनीकी आकलन के बाद दिया गया है, हालांकि नेपाल पुलिस का अनुमान है कि सुरंग में लगभग 200 लोग फंसे हुए हैं.

नेपाल सरकार मांग रही भारत-चीन से मदद

नेपाल सरकार ने भारतीय और चीनी विशेषज्ञों से सहायता मांगी है क्योंकि नेपाली सेना के उपकरण और कर्मी कई आपदाग्रस्त क्षेत्रों में तैनात किए गए हैं. हालांकि, बसनेट ने कहा कि इस विशेष सुरंग पर चलाए गए अभियान में केवल नेपाली सेना ही शामिल थी.

मदद के लिए पहुंची चीनी टीम

शनिवार को एक चीनी टीम थर्मल कैमरों, ड्रिलिंग उपकरणों और एयर-पंपिंग उपकरणों के साथ काठमांडू पहुंची और उन जलविद्युत सुरंगों में खोज और बचाव कार्यों में मदद करने की कोशिश कर रही है.

भारतीय विशेषज्ञों की टीम जुटा रही है डीएनए

भारत ने डीएनए के नमूने जमा करने के लिए विशेष उपकरणों से लैस भारतीय वायु सेना की एक टीम और विशेषज्ञों को भी भेजा है. सैन्य सूत्रों ने बताया कि दोनों देशों की टीमों ने उन जलविद्युत परियोजनाओं का सर्वेक्षण कर लिया है जहां बचाव दल को अभी पहुंचना बाकी है.

रविवार दोपहर तक बचाए गए 409 लोग

“चीनी टीम को हाकुबेसी में तैनात किया जा रहा है, जबकि भारतीय टीम स्याफ्रुबेसी में है,” एक सैन्य सूत्र ने बताया. दोनों टीमें रविवार से काम शुरू करने की तैयारी कर रही थीं. रविवार को दोपहर 3 बजे तक ही नेपाली सेना ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 15 चीनी नागरिकों और एक भारतीय नागरिक सहित 409 लोगों को बचाया था.


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By आलोक पाठक

आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

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