Nepal Flood : नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड से मची तबाही के बीच प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह गुरुवार को बाढ़ प्रभावित नुवाकोट जिले पहुंचे. उन्होंने बैटर बाजार स्थित आर्मी ट्रेनिंग सेंटर में अधिकारियों के साथ बैठक कर मौजूदा हालात और जारी सर्च, रेस्क्यू और राहत अभियान की जानकारी ली.
नुवाकोट के देविघाट इलाके में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. तेज बहाव से सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, कई मकान तबाह हो गए और बड़ी मात्रा में मिट्टी व मलबा जमा हो गया है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ लोग अब भी लापता हैं और मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका है.
सड़कें और पुल बहने से रेस्क्यू में मुश्किल
स्थानीय निवासी जनक बहादुर नेपाली ने बताया कि बाढ़ में उनका घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को भोजन और रहने की व्यवस्था करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें अब तक सरकार से कोई मदद नहीं मिली है.
एक अन्य स्थानीय निवासी ने देविघाट को सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में बताया. उन्होंने कहा कि इलाके के कुछ लोग अभी भी लापता हैं. वहीं एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि सड़कें नहीं बची हैं और हर तरफ मिट्टी व मलबा जमा है. उनका कहना था कि इलाके का पुल भी बाढ़ में बह गया है.
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बुधवार सुबह इलाके से दो शव बरामद किए गए. मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए बचाव अभियान तेज किया गया है.
बाढ़ में 359 लोगों की मौत, 910 लापता
नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने गुरुवार शाम 5 बजे तक के अपडेट जारी किए हैं. इसके अनुसार, नेपाल-चीन सीमा के पास भोटे कोशी नदी में आई भीषण फ्लैश फ्लड के कारण 359 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 910 लोग लापता या संपर्क से बाहर बताए गए हैं.
517 विदेशी नागरिक भी लापता
NDRRMA के अनुसार, इस आपदा के बाद 517 विदेशी नागरिक लापता या संपर्क से बाहर हैं. इसके अलावा नेपाल के 127 ऐसे नागरिक भी सूची में शामिल हैं, जो विदेश में रहते हैं और उस समय नेपाल आए हुए थे.
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह का नुवाकोट दौरा ऐसे समय हुआ है जब प्रशासन और बचाव दल प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों की तलाश, मलबा हटाने और राहत पहुंचाने में जुटे हैं. बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों के कारण राहत एवं बचाव अभियान के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है.
ये भी पढ़ें: VIDEO : नेपाल में बाढ़ का खौफनाक मंजर, दूर-दूर तक नजर आ रहा सिर्फ मलबे का ढेर
