नेपाल बाढ़ में फंसे कैलाश यात्री: सद्गुरु ने बताया 77 लोगों का पता नहीं, बचाव में हर जोखिम उठाने को तैयार

नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने कैलाश यात्रा पर गए लोगों की सुरक्षा पर संकट खड़ा कर दिया है. आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु ने सोशल मीडिया पर चिंता व्यक्त की है. ग्यिरोंग के इमिग्रेशन ऑफिस में बाढ़ के पानी में फंसे 77 यात्रियों की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है. बचाव दल हर संभव कोशिश कर रहा है.

Nepal Flood : नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच कैलाश यात्रा पर गए लोगों को लेकर आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु ने चिंता जताई है. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि कैलाश यात्रा से लौट रहा उनका एक दल चीन के तिब्बत स्थित ग्यिरोंग में इमिग्रेशन ऑफिस पहुंचा था, तभी अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आ गई.

सद्गुरु के मुताबिक, बाढ़ का पानी इमिग्रेशन ऑफिस और आसपास के बड़े हिस्से में भर गया. उन्होंने बताया कि वहां मौजूद 77 लोगों के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिल पाई है. सद्गुरु ने इसे बेहद दुखद और भयावह स्थिति बताया और कहा कि स्वयंसेवक और सपोर्ट टीमें बचाव के लिए हर संभव कोशिश कर रही हैं.

बोले- अधिकारियों के साथ मिलकर बचाव की कोशिश

सद्गुरु ने कहा कि उनकी टीम अधिकारियों के संपर्क में है और प्रभावित जगह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर उनकी टीम बचाव अभियान में शामिल होने के लिए हर जोखिम उठाने को तैयार है.

उन्होंने बताया कि कैलाश यात्रा के 21 समूहों में से 495 लोग सुरक्षित लौट चुके हैं. वहीं 743 लोग अभी तिब्बत में हैं, 148 लोग नेपाल में हैं, जबकि 77 लोग ग्यिरोंग के इमिग्रेशन सेंटर में थे. तीन स्वयंसेवक नेपाल के तिमुरे में मौजूद थे. सद्गुरु ने प्रभावित लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि वह खुद भी इस क्षेत्र में मौजूद हैं, ताकि मुश्किल हालात में ज्यादा से ज्यादा मदद की जा सके.

नेपाल में बाढ़ ने मचाई भारी तबाही

नेपाल के रसुवा जिले में भी भोटेकोशी नदी में अचानक पानी बढ़ने से तिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. कई बस्तियों, बाजारों, सड़कों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की खबर है.

बाढ़ का पानी बढ़ने की आशंका

प्रशासन ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित जगह जाने की सलाह दी है. बाढ़ का पानी आगे त्रिशूली नदी में बढ़ने की आशंका भी जताई गई है. राहत और बचाव के लिए नेपाल पुलिस, सेना और अन्य टीमें जुटी हैं, लेकिन कई इलाकों में पानी का तेज बहाव और खराब हालात बचाव अभियान में परेशानी पैदा कर रहे हैं. नेपाल-तिब्बत सीमा के दोनों ओर इस आपदा से बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं और कई लोगों के लापता होने की खबर है.

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By आलोक पाठक

आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

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