नेपाल बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1377 हुई; 5000 से अधिक लापता, राहत-बचाव कार्य जारी

नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 1377 लोगों की जान जा चुकी है और 5,000 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। बचाव अभियान ज़ोरों पर है, जबकि कई जिलों से शव बरामद किए जा रहे हैं।

Nepal Flood: नेपाल में अचानक आई बाढ़ के कारण जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 1377 हो गई है. राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) की ताजा आंकड़ों के अनुसार 5,000 से अधिक लोग अब भी लापता हैं. तलाश और बचाव अभियान जारी है.

चितवन में सबसे अधिक 364 शव बरामद

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार, चितवन जिले से कम से कम 364 शव, पूर्वी नवलपरासी से 228, पश्चिमी नवलपरासी से 222 और नुवाकोट से 198 शव बरामद किए गए हैं.

कहां से कितने शव बरामद

  • चितवन: 364
  • नवलपरासी पूर्व: 228
  • नवलपरासी पश्चिम: 222
  • नुवाकोट: 198
  • रसुवा: 178
  • गोरखा: 77
  • धादिंग: 70
  • तनहूं: 38
  • उपचार के क्रम में काठमांडू: 2

अब तक 13 हजार से अधिक लोगों को बचाया गया

नेपाल में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 13,656 लोगों को बचाया जा चुका है. नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को हिमस्खलन के कारण अचानक आयी बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों तथा गांवों में भारी तबाही मचाई. हिमालयी सीमावर्ती क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी बाढ़ के पानी को अपने साथ नीचे ले आई जिससे घर, वाहन, सड़कें और पुल बह गए तथा जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं.

चीन में 43 और तिब्बत में 500 से अधिक लोगों की मौत

चीनी मीडिया की खबरों के अनुसार, इस आपदा में चीन की ओर भी कम से कम 43 लोगों की मौत हुई है जबकि तिब्बत में 500 से अधिक लोग अब भी लापता हैं.


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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