Nepal Flood: 900 पार पहुंचा मौत का आंकड़ा, 4200 से ज्यादा लापता, 592 विदेशियों का भी सुराग नहीं

Nepal Flood: नेपाल की विनाशकारी बाढ़ में तबाही का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. मृतकों की संख्या 900 पार पहुंच चुकी है, जबकि 4,200 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं. सबसे बड़ी चिंता 592 विदेशी नागरिकों को लेकर है, जिनका अब तक कोई सुराग नहीं मिला है.

Nepal Flood: नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड की तबाही लगातार बढ़ती जा रही है. सोमवार को जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक मृतकों की संख्या बढ़कर 903 हो गई है. वहीं 4,247 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. इनमें 592 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और अब तक 10,451 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है.

चितवन में सबसे ज्यादा 272 मौतें

नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के मुताबिक सबसे ज्यादा 272 मौतें चितवन में दर्ज की गई हैं. जबकि, नवलपरासी ईस्ट में 207, नवलपरासी वेस्ट में 151, नुवाकोट में 95, गोरखा में 62, धादिंग में 55, तनहूं में 37 और रसुवा में 24 लोगों की मौत हुई है.

जिला / इलाकामौतों की संख्या
चितवन272
नवलपरासी ईस्ट207
नवलपरासी वेस्ट151
नुवाकोट95
गोरखा62
धादिंग55
तनहूं37
रसुवा24

4,247 लोग अब भी लापता

बाढ़ के बाद हजारों लोगों का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है. अधिकारियों के मुताबिक 4,247 लोग लापता हैं. इनमें 25 नेपाल पुलिस के जवान, 45 नेपाली सेना के कर्मी, 13 सशस्त्र पुलिस बल के जवान, 15 कस्टम ऑफिस के कर्मचारी और तीन इमिग्रेशन ऑफिस के कर्मचारी भी शामिल हैं. रसुवा में 865 और नुवाकोट में 1,548 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है.

श्रेणी / इलाकालापता लोगों की संख्या
नेपाल पुलिस25
नेपाली सेना45
सशस्त्र पुलिस बल13
कस्टम ऑफिस कर्मचारी15
इमिग्रेशन ऑफिस कर्मचारी3
रसुवा865
नुवाकोट1,548
कुल लापता लोग4,247

हाइड्रो प्रोजेक्ट्स से 933 लोग लापता

बाढ़ ने नेपाल के जलविद्युत प्रोजेक्ट्स को भी भारी नुकसान पहुंचाया है. अधिकारियों के मुताबिक अलग-अलग हाइड्रो प्रोजेक्ट्स से 933 लोग अब भी लापता हैं. इसके अलावा मकवानपुर से 65 लोगों के लापता होने की सूचना है. बाढ़ और मलबे की वजह से कई परियोजनाओं तक पहुंचना अब भी मुश्किल बना हुआ है.

592 विदेशी नागरिक भी लापता

  • लापता लोगों में 592 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. बाढ़ प्रभावित इलाकों में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक और कर्मचारी मौजूद थे.
  • नेपाल सेना ने अब तक हवाई अभियान के जरिए 252 विदेशी नागरिकों और 3,344 नेपाली नागरिकों को सुरक्षित निकाला है.
  • 30 अगस्त को एक हाइड्रो प्रोजेक्ट साइट से 15 लोगों को बचाया गया. इनमें पांच चीनी और सात भारतीय नागरिक भी शामिल थे.

10 हजार से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू

अब तक कुल 10,451 लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से बचाया जा चुका है. करीब 20 हजार सुरक्षाकर्मियों को राहत और बचाव अभियान में लगाया गया है. जमीनी स्तर पर सुरक्षा बलों ने 8,730 लोगों को सुरक्षित निकाला है. वहीं हवाई राहत अभियान के लिए सैकड़ों हेलीकॉप्टर उड़ानें भरी गई हैं.

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हाइड्रो टनल से 279 लोगों को निकाला गया

  • हाल के दिनों में बचावकर्मियों ने बाढ़ प्रभावित एक हाइड्रो पावर टनल से 279 लोगों को सीधे बाहर निकाला है.
  • अधिकारियों के मुताबिक हेलीकॉप्टर के जरिए 3,081 लोगों को एयरलिफ्ट किया गया है. इनमें 236 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं.
  • अब तक राहत और बचाव कार्य के लिए कुल 411 उड़ानें संचालित की जा चुकी हैं. सोमवार को भी सात उड़ानें भरी गईं.

राहत सामग्री पहुंचाने का काम तेज

बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने का काम भी तेज किया गया है. खाने और दूसरी जरूरी चीजों से भरे 37 ट्रक और 35 बोलेरो वाहन प्रभावित क्षेत्रों में भेजे गए हैं.

इसके अलावा आठ हेलीकॉप्टर उड़ानों के जरिए भी राहत सामग्री पहुंचाई गई है. प्रशासन की प्राथमिकता अब भी लापता लोगों की तलाश और दूरदराज के इलाकों में फंसे लोगों तक मदद पहुंचाना है.

लगातार बढ़ रही तबाही

नेपाल में बाढ़ से मौतों और लापता लोगों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. 903 मौतों और 4,247 लापता लोगों के बीच राहत एजेंसियों के सामने चुनौती काफी बड़ी है. सबसे ज्यादा चिंता उन इलाकों को लेकर है, जहां हाइड्रो प्रोजेक्ट्स और दूरदराज के गांव बाढ़ और मलबे से कट गए हैं. राहत टीमें जमीन और हवा दोनों रास्तों से लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं.

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लेखक के बारे में

By प्रीतीश सहाय

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.
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