नेपाल से प्रभात खबर की ग्राउंड जीरो रिपोर्ट: त्रिशूली-नारायणी से 64 शव बरामद, मोर्चरी हाउस फुल; बनाए जा रहे अस्थाई शवगृह

चितवन : नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ का असर अब चितवन तक दिखाई दे रहा है. बाढ़ के पानी में बहकर आए शव लगातार त्रिशूली और नारायणी नदी के किनारे बरामद किए जा रहे हैं. गुरुवार तक दोनों नदियों के किनारे 64 शव मिल चुके हैं. इनमें पूर्ण शवों के साथ-साथ मानव शरीर के अलग-अलग अंग भी शामिल हैं.

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Nepal Flood : लगातार शव बरामद होने के कारण भरतपुर अस्पताल का शवगृह पूरी तरह भर चुका है. चितवन के जिला पुलिस प्रमुख एसपी रामेश्वर पौडेल के अनुसार, अब अस्पताल के शवगृह में नए शव रखने की जगह नहीं बची है. यही वजह है कि आगे बरामद होने वाले शवों के प्रबंधन के लिए भरतपुर स्थित एक औद्योगिक प्रतिष्ठान के कार्यालय भवन को वैकल्पिक स्थान के रूप में तैयार किया जा रहा है.

स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि तनहुं में बरामद नौ शवों को पहले चितवन भेजा गया था, लेकिन भरतपुर अस्पताल में जगह नहीं होने के कारण उन्हें वापस तनहुं भेजना पड़ा.

नदी किनारे लगातार चल रहा सर्च ऑपरेशन

बाढ़ के बाद लापता लोगों की तलाश और शवों की बरामदगी के लिए चितवन में तैनात तीनों सुरक्षा एजेंसियां नदी किनारे सक्रिय हैं. सुरक्षा बल त्रिशूली और नारायणी नदी के विभिन्न हिस्सों में लगातार सर्च और रिकवरी ऑपरेशन चला रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि खोज अभियान जारी रहने के साथ बरामद शवों की संख्या और बढ़ सकती है.

बरामद शवों की पहचान, आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और सम्मानपूर्वक अंतिम प्रबंधन के लिए प्रशासन, सुरक्षा निकायों तथा स्वास्थ्य संस्थानों के बीच समन्वय किया जा रहा है.

बाढ़ का असर दूर तक

बुधवार सुबह भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ का पानी नीचे की ओर बहते हुए त्रिशूली और नारायणी नदी तंत्र तक पहुंचा. इसके बाद चितवन में कुरिनटार से लेकर नारायणगढ़ क्षेत्र तक नदी किनारों पर शव और मानव अवशेष मिलने लगे. बुधवार शाम तक 18 शव और 12 मानव अंग मिलने की सूचना थी, जो अगले दिन बढ़कर 64 शव तक पहुंच गई.

सर्च ऑपरेशन जारी

प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे जाने से बचने और बाढ़ के पानी के साथ बहकर आए सामान को उठाने के लिए नदी तट पर भीड़ नहीं लगाने की अपील की है. इस बीच, राहत और खोज अभियान लगातार जारी है.


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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