60 घंटे बाद मलबे से जिंदा निकली 6 साल की बच्ची, माता-पिता से बिछड़े भाई-बहन का वीडियो देख रो पड़ेगा दिल!

नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बीच करीब 60 घंटे तक मलबे में दबी 6 साल की मनीषा मगर को जिंदा रेस्क्यू किया गया. वहीं भाई-बहन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है,

नेपाल में 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर क्षेत्र में हुए भूस्खलन और फ्लैश फ्लड से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं. इस घटना से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं.

इन्हीं में से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें एक छोटा बच्चा अपनी नन्ही बहन को पीठ पर लादे पहाड़ी रास्ते पर चलता दिखाई दे रहा है. दोनों के चेहरे पर गंदगी, खरोंच और दर्द साफ नजर आ रहा है. वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि ये बच्चे अपने माता-पिता को ढूंढ रहे हैं.

वीडियो में क्या है

  • यह वीडियो एक एक्स यूजर ने पहली बार 30 अगस्त को शेयर किया था. इसके बाद हजारों लोगों ने इसे शेयर कर अपनी प्रतिक्रिया दी है.
  • एक्स यूजर @guneshgodara (गणेश गोदारा) ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि नेपाल से दिल दहला देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं. एक छोटा बच्चा अपनी छोटी बहन का ख्याल रख रहा है और अपने माता-पिता को ढूंढ रहा है. उनके चेहरों पर दर्द और खरोंचें देखी जा सकती हैं.

हालांकि, वीडियो में दिखाई दे रहे बच्चों की पहचान और उनके माता-पिता से बिछड़ने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

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करीब 60 घंटे बाद 6 साल की बच्ची का रेस्क्यू

  • इसके अलावा एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसे लेकर दावा किया जा रहा है कि 6 साल की एक बच्ची मलबे में दब गई थी, जिसे रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
  • मामला रसुवा जिले के टिमुरे गांव का है. यहां 6 साल की बच्ची मनीषा मगर करीब 55 से 60 घंटे तक कीचड़ और मलबे के नीचे दबी रही.
  • शुक्रवार शाम सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) की टीम ने उसके रोने की आवाज सुनकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला.
  • बच्ची को इलाज के लिए काठमांडू के अस्पताल ले जाया गया. उसके माता-पिता भी मिल गए हैं और उन्हें भी उसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

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नेपाल में फ्लैश फ्लड से भारी तबाही

26 अगस्त को ग्लेशियर क्षेत्र में हुए भूस्खलन के बाद मलबे और पानी का सैलाब त्रिशूली और भोटेकोशी नदी में उतर आया. इससे रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और चितवन समेत कई जिलों में गांव प्रभावित हुए, पुल टूट गए और सड़कें नष्ट हो गईं.

नेपाल सरकार के 31 अगस्त के अपडेट के मुताबिक, इस आपदा में अब तक 903 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 4,200 लोग अब भी लापता हैं. तिब्बत में भी दर्जनों मौतें और सैकड़ों लोगों के लापता होने की खबर है. यूनिसेफ के अनुसार, प्रभावित इलाकों में 17,000 से ज्यादा बच्चों को तत्काल मानवीय मदद की जरूरत है.

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By गौतम कुमार

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