Nepal Flash Floods: बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 788 हुई, भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ने से खतरा मंडराया

Nepal Flash Floods: नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के कुछ दिन बाद रविवार को भोटेकोशी नदी का जलस्तर फिर बढ़ गया. जिसके बाद प्रभावित जिलों में रहने वाले लोगों और बचावकर्मियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

Nepal Flash Floods: राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के अनुसार नेपाल में 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर रविवार को 788 हो गई, जबकि करीब 2,500 लोग अब भी लापता हैं.

एनडीआरआरएमए ने बताया, ‘‘बाढ़ प्रभावित भोटेकोशी नदी का जलस्तर फिर बढ़ गया है. सभी संबंधित लोगों से एहतियाती कदम उठाने का आग्रह किया जाता है. और जानकारी मिलने पर स्थिति के बारे में सूचना दी जाएगी."

अब भी 2500 लोग लापता

अधिकारियों ने पीटीआई को बताया, इस आपदा के बाद करीब 2,500 लोग अब भी लापता हैं, जिनमें 320 विदेशी नागरिक शामिल हैं.


275 भारतीय लापता

नयी दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि बाढ़ के बाद 275 से अधिक भारतीय और भारतीय मूल के 128 लोग अब भी लापता हैं या उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है, जबकि 108 अन्य लोगों को बचा लिया गया है.

बाढ़ के कारण 238 छात्र और 18 शिक्षक लापता

नेपाल के शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, लापता लोगों में बाढ़ प्रभावित तीन जिलों के विभिन्न स्कूलों के 238 छात्र और 18 शिक्षक शामिल हैं.

अब तक चितवन जिले से 264 शव बरामद

बारिश रुक-रुक कर होने और नदियों का जलस्तर बढ़ने के बीच नेपाल में शव मिलने का सिलसिला जारी है. खोज और बचाव अभियान भी लगातार संचालित किया जा रहा है. एनडीआरआरएमए के अनुसार, अब तक चितवन जिले से 264 शव, नवलपरासी पूर्व से 194, नवलपरासी पश्चिम से 100 शव बरामद किए गए हैं. गोरखा, नुवाकोट, धादिंग, तनहू और रसुवा से भी शव बरामद किए गए हैं.


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लापता परिजनों की तलाश में जुटे हैं लोग

नेपाल के अस्पतालों में अपने लापता परिजनों की तलाश में बड़ी संख्या में पहुंच रहे लोगों के बीच अब ध्यान मृतकों की पहचान करने पर केंद्रित होता जा रहा है. अस्पतालों की दीवारों के बाहर तस्वीरें चस्पा की गई हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग उन्हें देखकर अपने लापता परिजनों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं. पुलिस ने बताया कि अब तक बरामद शवों में से केवल 17 की ही पहचान हो पाई है. कई शवों की हालत खराब होने के कारण उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है.

बाद 96 शवों का अंतिम संस्कार किया गया

आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद 96 शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है. अंतिम संस्कार से पहले शवों के डीएनए नमूने एकत्र किए गए और मौजूदा नियमों के अनुसार उन्हें निर्धारित स्थानों पर सुरक्षित रखा गया है. नेपाल के विदेश सचिव अमृत बहादुर राय ने रविवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जिन मृतकों की पहचान नहीं हो सकी, जिनमें लंबे समय तक पानी में रहने के कारण क्षत-विक्षत, अंग-विहीन या सड़ चुके शव शामिल हैं, उनका ‘‘मानक और स्वीकृत प्रक्रियाओं’’ के तहत अंतिम संस्कार कर दिया गया है.

चीन की ओर बनी एक झील के कारण नेपाल में फिर से बाढ़ आने की आशंका

हिमालय में 26 अगस्त को हिमनद टूटने के बाद चीन की ओर बनी एक झील के कारण नेपाल में फिर से बाढ़ आने की आशंका पैदा हो गई. हालांकि, चीनी मीडिया की खबरों के अनुसार, शनिवार को खतरा कम होता दिखाई दिया, क्योंकि झील का आकार घटने लगा था.


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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