Nepal Flash Flood : नेपाल कांग्रेस नेता के अनुसार, रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिले इस आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. कई गांव और बस्तियां पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं. उन्होंने दावा किया है कि 10,000 से 15,000 लोग लापता हैं.
- बस्तियां और होटल पूरी तरह तबाह: टिमुरे और स्याफ्रुबेसी जैसे इलाकों में बड़े-बड़े होटल, बैंक और कस्टम ऑफिस मलबे में तब्दील हो चुके हैं.
- पहचान में भारी संकट: अकेले चितवन के एक अस्पताल में करीब 292 अज्ञात शव रखे हैं, जिनकी पहचान न होने के कारण प्रशासन को उनका अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है.
प्राकृतिक आपदा पर राजनीति नहीं, यह राष्ट्रीय संकट है
चीन द्वारा जानकारी न देने के आरोपों को खारिज करते हुए नेता ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से एक प्राकृतिक आपदा (नेपाल सीमा के पास हिमस्खलन और झील फटने) के कारण हुई है.
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"यह किसी एक पार्टी या सरकार का मुद्दा नहीं, बल्कि साझा राष्ट्रीय संकट है. सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, नेपाल सेना, प्रहरी और आम नागरिक सब एकजुट होकर राहत कार्यों में जुटे हैं." — नेपाल कांग्रेस नेता
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी भारी चिंता
आपदा के समय कैलाश मानसरोवर और गोसाईंकुंड यात्रा के कारण बड़ी संख्या में भारतीय श्रद्धालु और पर्यटक भी वहां मौजूद थे. लापता लोगों में कई भारतीय नागरिक भी शामिल हैं. नेपाली नेता ने भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भेजी जा रही राहत सामग्री, हवाई सहायता और सहयोग की जमकर सराहना की.
धैर्य और सहयोग की अपील
आपदा की इस घड़ी में नेपाल के सांसदों, सरकारी कर्मचारियों और सामाजिक संस्थाओं ने अपना वेतन दान कर राहत कोष बनाना शुरू कर दिया है. उन्होंने दुनिया भर के लोगों से धैर्य रखने और प्रभावित परिवारों की मदद के लिए हाथ बढ़ाने की अपील की है.
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