नेपाल चुनाव: बालेन शाह ने ओली को 50000 वोटों से हराया, ‘रैपर’ नेता का पीएम बनना तय

Nepal Election: नेपाल में गठबंधन दौर को खत्म करते हुए जनता ने बालेन शाह के नेतृत्व में एक स्थिर सरकार चुनी है. बालेन शाह ने भारत विरोधी केपी शर्मा ओली को पचास हजार वोटों से हराया. अब बालेन शाह का नेपाल का अगला पीएम बनना तय है.

Nepal Election: नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के नेता बालेंद्र शाह ‘बालेन’ ने शनिवार को चार बार के प्रधानमंत्री रहे पी. शर्मा ओली को बड़े अंतर से हराकर नई सरकार बनाने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है. यह चुनाव पिछले साल हुए हिंसक ‘जेन जेड’ प्रदर्शनों के बाद कराया गया था, जिनमें युवाओं ने राजनीतिक बदलाव और भ्रष्टाचार मुक्त शासन की मांग उठाई थी. इन चुनावों में पारंपरिक दलों को बड़ा झटका लगा है. वहीं इस जीत के साथ ही बालेन शाह निचले सदन यानी प्रतिनिधि सभा में पहुंच गए हैं और उनके प्रधानमंत्री बनने का रास्ता भी लगभग साफ हो गया है.

रैपर से राजनेता बने बालेन, जिन्हें आरएसपी ने प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया था, उन्होंने झापा-5 सीट से नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी सीपीएन-यूएमएल के अध्यक्ष ओली को लगभग 50 हजार वोटों के अंतर से हराया. निर्वाचन आयोग के मुताबिक 35 वर्षीय बालेन को 68,348 वोट मिले, जबकि 74 वर्षीय ओली को 18,734 वोट ही प्राप्त हुए.

ओली ने दी बधाई

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने शनिवार को हालिया संसदीय चुनाव में जीत हासिल करने पर बालेन शाह को बधाई दी. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में ओली ने शाह को जीत की शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की. उन्होंने लिखा, ‘बालेन बाबू, जीत के लिए आपको बधाई! आपका पांच साल का कार्यकाल सुचारु और सफल रहे- हार्दिक शुभकामनाएं.‘ ओली ने 2022 की एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें वह बालेन को तबला भेंट करते नजर आ रहे हैं. यह तस्वीर उस समय की है जब बालेन ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर काठमांडू के मेयर का चुनाव जीता था.

पार्टी बोली- बालेन ही होंगे अगले पीएम

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है. पार्टी नेताओं ने बार-बार यह भरोसा दिलाया है कि प्रधानमंत्री पद को लेकर पार्टी के भीतर किसी तरह का मतभेद नहीं है. पार्टी के प्रथम उपाध्यक्ष डीपी अर्याल ने कहा कि मतदाताओं ने पार्टी के शीर्ष नेताओं रवि लामिछाने और बालेन शाह पर भरोसा जताया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि संसदीय दल के नेता और भविष्य के प्रधानमंत्री बालेन शाह ही होंगे.

2022 में ही बालेन ने किया था कमाल

साल 2022 में एक संरचनात्मक इंजीनियर, काले आयताकार चश्मे के लिए मशहूर और अंडरग्राउंड रैप संगीत से जुड़े रहे बालेन शाह ने नेपाली राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया था. उन्होंने स्थापित राजनीतिक दलों को पीछे छोड़ते हुए काठमांडू के मेयर का चुनाव जीत लिया था. निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर ‘लाठी‘ चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ते हुए बालेन को 61,767 वोट मिले थे. उन्होंने नेपाली कांग्रेस की सृजना सिंह को हराया था, जिन्हें 38,341 वोट मिले थे, जबकि सीपीएन-यूएमएल के उम्मीदवार और राजधानी के पूर्व मेयर केशव स्थापित को 38,117 वोट प्राप्त हुए थे. अब, महज चार साल बाद, 35 वर्षीय बालेन शाह केवल स्थानीय स्तर के नेता नहीं रह गए हैं, बल्कि वह देश के इतिहास के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्रियों में से एक बनने की ओर बढ़ रहे हैं.

नेपाल चुनावों पर भारत की थी करीबी नजर

इस चुनाव पर भारत भी करीबी नजर बनाए हुए था और उम्मीद कर रहा था कि राजनीतिक रूप से अस्थिर रहे इस हिमालयी देश में एक स्थिर सरकार बनेगी, जिससे दोनों देशों के बीच विकास सहयोग को आगे बढ़ाया जा सके. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नेपाल की जनता और सरकार को चुनावों के सफल आयोजन के लिए बधाई दी.

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पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘अपने नेपाली भाइयों और बहनों को बड़े उत्साह के साथ लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करते देखना बेहद खुशी की बात है. यह नेपाल की लोकतांत्रिक यात्रा में एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण है.‘ उन्होंने यह भी कहा कि भारत एक करीबी मित्र और पड़ोसी के रूप में नेपाल की नई सरकार के साथ मिलकर शांति, विकास और समृद्धि को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है.

चार साल पुरानी पार्टी ने किया कमाल

आरएसपी ने बालेंद्र शाह ‘बालेन’ को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था और अपने चुनाव अभियान की शुरुआत मधेस प्रांत के जनकपुर से की थी. पार्टी इस क्षेत्र में भी अन्य दलों को पीछे छोड़ते हुए मजबूत प्रदर्शन करती नजर आ रही है. रात करीब साढ़े नौ बजे तक घोषित नतीजों के अनुसार, रवि लामिछाने द्वारा 2022 में स्थापित आरएसपी ने अब तक घोषित 97 सीटों में से 77 पर जीत हासिल कर ली है.

पार्टी ने काठमांडू जिले की सभी 10 सीटों पर कब्जा जमाते हुए क्लीन स्वीप किया और देशभर में 52 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. प्रत्यक्ष और आनुपातिक दोनों श्रेणियों की सीटों को मिलाकर आरएसपी का आंकड़ा 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में बहुमत के लिए जरूरी 138 सीटों के पार पहुंचता दिखाई दे रहा है.

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अन्य पार्टियों का क्या हाल है?

निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार नेपाली कांग्रेस (एनसी) ने अब तक 10 सीटें जीती हैं और 9 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं सीपीएन-यूएमएल को केवल तीन सीटों पर जीत मिली है और वह आठ सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. इसके अलावा नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) ने दो सीटें जीती हैं और पांच सीटों पर आगे है. श्रम शक्ति पार्टी (एसएसपी) तीन सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) ने एक सीट जीती है. एक निर्दलीय उम्मीदवार ने भी जीत दर्ज की है.

नेपाल में 5 मार्च को हुए प्रतिनिधि सभा चुनाव में करीब 60 प्रतिशत मतदान हुआ था. मतगणना गुरुवार देर रात शुरू हुई और शनिवार शाम पांच बजे तक 162 निर्वाचन क्षेत्रों में वोटों की गिनती जारी थी.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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