कनाडा के गुरुद्वारे में चाकूबाजी से हड़कंप, दो लोग घायल; हमलावर गिरफ्तार, 1 दिन पहले जेल से छूटा था

कनाडा के एडमंटन में एक सिख गुरुद्वारे में चाकूबाजी की घटना से समुदाय में चिंता बढ़ गई है. नानकसर गुरुद्वारे में हमलावर ने दो श्रद्धालुओं पर हमला किया, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया है. पुलिस ने 27 वर्षीय संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच कर रही है.

Canada Gurdwara Attack: कनाडा के एडमंटन में शुक्रवार सुबह एक बड़े सिख गुरुद्वारे में हुई चाकूबाजी की घटना से स्थानीय सिख समुदाय में चिंता बढ़ गई है. नानकसर गुरुद्वारे में घुसे एक व्यक्ति ने कथित तौर पर दो श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया. पुलिस ने 27 वर्षीय संदिग्ध को मौके से गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल हमले के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं है और पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह घटना नफरत से प्रेरित तो नहीं थी.

सुबह करीब 5 बजे गुरुद्वारे में हुआ हमला

घटना शुक्रवार, 21 अगस्त की सुबह एडमंटन के नानकसर सिख गुरुद्वारे में हुई. एडमंटन पुलिस के मुताबिक, सुबह 4:49 बजे उन्हें हाईवे-15 के पास हॉर्सहिल रोड पर एक व्यक्ति के ट्रैफिक के बीच चलने की सूचना मिली थी. इसके करीब 15 मिनट बाद, सुबह लगभग 5:05 बजे, नानकसर गुरुद्वारे में चाकूबाजी की सूचना पुलिस को मिली. गुरुद्वारा 14 स्ट्रीट और हॉर्सहिल रोड के आसपास स्थित है.

पुलिस के अनुसार, संदिग्ध गुरुद्वारे के भीतर पहुंचा और प्रार्थना वाले हिस्से में जाने की कोशिश की. वहां मौजूद कर्मचारियों ने उसे रोकने की कोशिश की. इसी दौरान विवाद बढ़ गया और दो पुरुषों पर चाकू से हमला कर दिया गया. 

नानकसर गुरुद्वारे की उपाध्यक्ष जोरा ग्रेवाल ने कहा कि घायल लोगों में एक पुजारी और एक स्वयंसेवक शामिल हैं. दोनों घायलों की उम्र 75 और 51 वर्ष है. पुलिस ने बताया कि दोनों को अस्पताल ले जाया गया और उनकी चोटें जानलेवा नहीं थीं. मौके पर मौजूद लोगों ने संदिग्ध को पकड़कर रोक लिया. कुछ ही देर बाद, सुबह करीब 5:10 बजे, नॉर्थईस्ट ब्रांच के पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और उसे हिरासत में ले लिया.

ये भी पढ़ें:- अमेरिका में दीपावली की धूम: कैलिफोर्निया असेंबली ने पास किया प्रस्ताव; 8 नवंबर को होगा दिवाली डे

दोनों घायल अस्पताल पहुंचाए गए

गुरुद्वारा प्रबंधन के मुताबिक, उस समय वहां सुबह की प्रार्थना चल रही थी और एक शादी की तैयारियां भी हो रही थीं. ग्लोबल न्यूज से बातचीत में नानकसर गुरुद्वारे के प्रतिनिधि हरमीत सहगल ने बताया कि संदिग्ध के आने के बाद प्रार्थना बाधित हुई. 

उन्होंने कहा कि प्रार्थना करा रहे लोगों को लगा कि वह व्यक्ति वहां का श्रद्धालु नहीं है और जब उससे बात करने की कोशिश की गई तो स्थिति बिगड़ गई. सहगल के अनुसार, मौजूद लोगों ने मिलकर संदिग्ध को काबू किया और पुलिस को बुलाया गया.

प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने जताया दुख

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने गुरुद्वारे में हुए हमले की कड़ी निंदा की और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की. उन्होंने एक्स पर लिखा, 'आज सुबह एडमोंटन के नानकसर गुरुद्वारे में हुआ हमला बेहद भयावह है. मेरी संवेदनाएं उन दो लोगों के साथ हैं जो घायल हुए हैं और उस व्यापक समुदाय के साथ हैं, जो इस भयानक घटना से सदमे में है. किसी भी व्यक्ति को अपने पूजा स्थल पर कभी असुरक्षित महसूस नहीं करना चाहिए. मैं एडमोंटन पुलिस सेवा को उनकी त्वरित कार्रवाई के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं.'

पुलिस जांच रही है हेट क्राइम का एंगल

एडमंटन पुलिस की इन्वेस्टिगेटिव रिस्पॉन्स टीम ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है. इसके साथ ही पुलिस की हेट क्राइम्स यूनिट भी जांच में शामिल है. अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि हमला किसी घृणा या धार्मिक नफरत से प्रेरित था या नहीं. संदिग्ध के खिलाफ आरोप अभी लंबित हैं.

संदिग्ध पहले से पुलिस के रडार पर था

पुलिस ने संदिग्ध की पहचान 27 वर्षीय व्यक्ति के रूप में की है. पुलिस अधिकारी एरिक स्टीवर्ट के मुताबिक, वह पहले से पुलिस के लिए जाना-पहचाना था और उसके खिलाफ 2015 से हिंसक घटनाओं का लंबा इतिहास रहा है.

सबसे अहम बात यह है कि संदिग्ध को हमले से सिर्फ एक दिन पहले ही अल्बर्टा की संघीय जेल से रिहा किया गया था. अधिकारियों के मुताबिक, रिहाई के बाद उसे एडमंटन में तय किए गए हाफवे हाउस में रिपोर्ट करना था, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा. पुलिस ने अभी तक उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया है.

ये भी पढ़ें:- अस्पताल में इमरान खान ने बहन को बताया जेल का हाल, कहा- मोहम्मद मुर्सी की तरह 10 महीने से मेरे साथ अन्याय हो रहा


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अनन्त नारायण शुक्ल

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >