Sheikh Yousuf Afridi: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के बड़े कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी को अज्ञात हमलावरों ने गोलियों से भून दिया है. अधिकारियों के मुताबिक, यह एक टारगेट किलिंग है जिसमें हमलावरों ने अफरीदी पर कई राउंड फायरिंग की, जिससे उसे बचने का कोई मौका नहीं मिला.
कौन था शेख यूसुफ अफरीदी?
शेख यूसुफ अफरीदी खैबर पख्तूनख्वा इलाके में लश्कर के लिए काम देखता था. वह इस आतंकी संगठन का एक मुख्य चेहरा था और पूरे इलाके में लश्कर के नेटवर्क को मजबूत करने की जिम्मेदारी उसी के पास थी. रिपोर्ट के अनुसार, अफरीदी मुंबई के 26/11 हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का बेहद करीबी माना जाता था. वह लश्कर की रीजनल यूनिट का एक प्रभावशाली नाम था.
पुलिस और जांच एजेंसियां अफरीदी की मौत के पीछे के हालातों की जांच कर रही हैं. हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि हमलावर कौन थे और इस हत्या के पीछे उनका क्या मकसद था.
टारगेट किलिंग का बढ़ता ट्रेंड
पाकिस्तान में बड़े आतंकियों के मारे जाने का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है. अधिकारियों के डेटा के मुताबिक, साल 2023 से अब तक लश्कर और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों के कई टॉप आतंकियों को कराची और लाहौर जैसे शहरों में निशाना बनाया गया है. साल 2026 में ही अब तक कम से कम 30 ऐसे आतंकी अज्ञात हमलावरों की गोलियों का शिकार हो चुके हैं.
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निशाने पर कई बड़े आतंकी
पिछले महीने लाहौर में एक टीवी स्टेशन के बाहर अमीर हमजा पर भी हमला हुआ था, जिसमें वह बच गया. इससे पहले जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मसूद अजहर के भाई मोहम्मद ताहिर अनवर की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. इसी तरह, हाफिज सईद का एक और करीबी अबू कतल उर्फ कतल सिंधी भी अज्ञात हमलावरों के हाथों मारा गया था. कतल सिंधी पर 2024 में जम्मू-कश्मीर के रियासी में हुए हमले का लिंक मिला था, जिसमें 9 लोग मारे गए थे.
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