kamala Harris : कमला हैरिस की मां भारत से अमेरिका क्यों गईं? उपराष्ट्रपति ने बताई 2 खास वजह

kamala Harris: अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के पहले कमला हैरिस ने एक आर्टिकल लिखा है. इसमें उन्होंने लिखा कि मेरी मां ने मुझे और मेरी बहन को हमारी विरासत की सराहना और सम्मान करना सिखाया.

kamala Harris: अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो चली है. डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार एवं उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने एक आर्टिकल लिखा है जिसमें उन्होंने अपनी मां का जिक्र किया. उन्होंने इसमें बचपन में की गईं भारत की अपनी यात्राओं और कैंसर का इलाज करने के अपनी मां के मिशन को याद किया. आर्टिकल दक्षिण एशियाई के ऑनलाइन प्लेटफार्म ‘द जगरनॉट’ में छपा है.

मेरे घर में दिवाली मनाई जाती है जो सम्मान की बात है: कमला हैरिस

आर्टिकल में कमला हैरिस ने कहा कि जब मैं और मेरी बहन बड़े हो रहे थे, उस वक्त मेरी मां ने हमें हमारी विरासत की सराहना और सम्मान करना सिखाया. हम लगभग हर दूसरे साल दिवाली के मौके पर भारत जाया करते थे. हम अपने दादा-दादी और अन्य रिश्तेदारों के साथ क्वालिटी समय बिताते थे. उन्होंने कहा कि और उपराष्ट्रपति के तौर पर मेरे आवास (उपराष्ट्रपति के सरकारी आवास) पर दिवाली समारोह का आयोजन किया जाता है जो मेरे लिए सम्मान की बात रही है. इसका मकसद न केवल अवकाश मनाना है बल्कि दक्षिण एशियाई अमेरिकी प्रवासियों के समृद्ध इतिहास, संस्कृति और विरासत का जश्न मनाना है.

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मेरी मां के जीवन के थे दो लक्ष्य : हैरिस

राष्ट्रपति पद के लिए 5 नवंबर को चुनाव होना है. इसके 3 दिन पहले प्रकाशित आर्टिकल में हैरिस ने कहा कि 19 साल की उम्र में उनकी मां श्यामला हैरिस भारत से अमेरिका आईं. मेरी मां के जीवन के दो लक्ष्य थे… पहला- अपनी दो बेटियों- मेरा एवं मेरी बहन माया का पालन पोषण करना तथा दूसरा स्तन कैंसर का इलाज करना… राष्ट्रपति चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि उनका मानना ​​है कि अमेरिका के लोग एक ऐसा राष्ट्रपति चाहते हैं जो सभी अमेरिकियों के लिए काम करे.
(इनपुट पीटीआई)

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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