Israel–Hamas War: खंडहर में बदलता गाजा! देखें दिल दहला देने वाली तस्वीरें

Israel–Hamas War : दक्षिणी लेबनान में इस्राइली हमले में ‘रॉयटर्स’ के कैमरामैन इस्साम अब्दुल्ला की मौत हो गयी. अब्दुल्ला की शुक्रवार की शाम को दक्षिण लेबनान के पास इस्राइली सैनिकों व हिजबुल्लाह के लड़ाकों के बीच चल रही गोलीबारी को कवर कर रहे थे. देखें गाजा की भयावह तस्वीर

Israel–Hamas War : इजरायल और हमास के बीच नौवें दिन भी युद्ध जारी है. हमास से जंग के बीच इजरायल की सेना ने फिलिस्तीन के लोगों को उत्तरी गाजा खाली करने का अल्टीमेटम दिया था. इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) की ओर से कहा गया था कि गाजा के लोग अपनी सुरक्षा के लिए गाजा पट्टी के दक्षिणी हिस्से की ओर जाएं. इस बीच इजरायल डिफेंस फोर्स की ओर से जो दावा किया जा रहा है वो चौंकाने वाला है. आईडीएफ ने कहा है कि हमास फिलिस्तीनी नागरिकों को उत्तरी गाजा से दक्षिणी गाजा की ओर जाने से रोकने में लगा हुआ है. इस बीच गाजा में अब हमले में 2215 की जान गई है. मृतकों में 724 बच्चे भी शामिल हैं. इजरायल डिफेंस फोर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि हमारे पास इस बात का सबूत हैं कि हमास फिलिस्तीनी लोगों को उत्तरी से दक्षिणी गाजा की ओर जाने से रोकने का प्रयास कर रहा है. हमास को नागरिकों को नुकसान पहुंचाने में खुशी होती है.

इधर जमीनी कार्रवाई लिए गाजा में घुसी इजरायल की सेना को बंधकों के शव मिले हैं. खबर के अनुसार, इजरायली डिफेंस फोर्स ने दावा किया कि हमास के आतंकियों ने बंधकों को मारने से पहले गंभीर यातनाएं दीं. इजरायल ने कहा कि वह गाजा पट्टी में हवाई, जमीनी व नौसैनिक हमले के लिए पूरी तरह से तैयार है.

इस बीच, फिलीस्तीनियों का उत्तरी गाजा से पलायन शुरू हो गया है. वहीं मिस्र, इजरायल व अमेरिका गाजा में विदेशी नागरिकों को राफा सीमा के जरिये मिस्र में प्रवेश करने की अनुमति देने पर सहमत हो गये हैं. इस बारे में समझौता भी हुआ है. इजरायल उन क्षेत्रों पर हमला करने से परहेज करने पर सहमत हो गया है, जहां से नागरिक फिलीस्तीनी क्षेत्र से बाहर निकलते समय गुजरेंगे.

इजरायल ने कहा है कि फिलीस्तीनी सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक सुरक्षित रूप से इस मार्ग से यात्रा सकते हैं. मिस्र ने राफा सीमा अस्थायी दीवारें खड़ी कर दी हैं. इधर, इजरायल-गाजा युद्ध के आठवें दिन इस्राइल ने हमास के दो कमांडरों को मार गिराया. इनमें से एक इस्राइल पर हुए हमले को लीड करने वाला कमांडर अली कादी है, दूसरा गाजा शहर में हमास के हवाई हमले का नेतृत्व करने वाले सीनियर कमांडर मुराद अबु मुराद है.

इजरायल की कार्रवाई के बीच बड़ी संख्या में लोग गाजा से कार, ट्रक व खच्चरों पर दक्षिण में मुख्य सड़कों की तरफ निकल पड़े. घर में रहने के हमास के आग्रह को भी नहीं माना. शनिवार को गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में 724 बच्चों व 458 महिलाओं समेत 2,200 से अधिक लोग मारे गये हैं. इस्राइल ने कहा कि हमास के हमले में 1,300 से अधिक इस्राइली मारे गये. लड़ाई के दौरान 1,500 हमास आतंकी मारे गये.

इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्ला के ठिकानों पर हमला किया. इधर, ईरान के विदेश मंत्री ने इस्राइल से गाजा पर हमले रोकने का आह्वान किया है. चेतावनी दी है कि हमले नहीं रूके तो, इस्राइल को भारी नुकसान होगा.

एक नजर में जानें ये घटनाक्रम

-दक्षिणी लेबनान में ‘रॉयटर्स’ के कैमरामैन की मौत

-360,000 सैनिकों की इजरायल ने गाजा सीमा पर की तैनाती

-सऊदी अरब के विदेश मंत्री से मिले अमेरिकी विदेश मंत्री

-4,23,000 लोगों को अब तक अपने घरों से होना पड़ा बेदखल

-इजरायल के डेढ़ लाख जवान तोप और टैंकों के साथ बॉर्डर पर तैनात

-इजरायल के भी कई नये इलाकों में हुए मिसाइल से हमले

-तेल अवीव से गाजा तक धमाके अस्पताल तक नहीं बख्शे जा रहे

-इजरायली बंधकों के शव मिले हमास के दो कमांडर ढेर

-35,000 लोग शरण के लिए फिलीस्तीनी अस्पताल में जमा

-इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्ला के ठिकानों पर किया हमला

भाषा इनपुट के साथ

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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