Israel-Lebanon Conflict: इजरायली सेना ने साफ किया है कि उसका मिशन सिर्फ दक्षिणी लेबनान के उस हिस्से तक सीमित नहीं है जिसे वह कंट्रोल करना चाहती है. सेना ने ‘येलो लाइन’ (Yellow Line) के उत्तर में स्थित कई इलाकों पर भी हमले किए हैं. इस सैन्य कार्रवाई के दौरान इजरायल का एक सैनिक मामूली रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए तुरंत वहां से निकाल लिया गया.
हिजबुल्लाह चीफ की सीधी बातचीत से मनाही
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने सोमवार को अपना रुख और कड़ा कर लिया है. कासिम ने इजरायल के साथ सीधे बातचीत करने से साफ मना कर दिया है और इसे ‘सवालों के घेरे से बाहर’ बताया है. उन्होंने कहा कि उनका ग्रुप हथियारों को नहीं छोड़ेगा और मैदान में अपनी ताकत दिखाना जारी रखेगा. कासिम ने लेबनान सरकार की भी आलोचना की है और कहा है कि सरकार ने इजरायल को अनावश्यक रियायतें दी हैं. उन्होंने सरकार से मांग की कि वह सीधी बातचीत बंद करे और सिर्फ इनडायरेक्ट (अप्रत्यक्ष) बातचीत का रास्ता अपनाए.
बिंत जबील में हथियारों का जखीरा मिला
इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने बताया कि रविवार को दक्षिणी लेबनान में ‘खतरनाक खतरों’ को खत्म करने के लिए ऑपरेशन चलाया गया था. फॉरवर्ड डिफेंस लाइन के पास 3 संदिग्धों को देखते ही एयरफोर्स ने उन्हें खत्म कर दिया. इसके अलावा बिंत जबील (Bint Jbeil) सेक्टर के हेडक्वार्टर और अन्य सैन्य इमारतों पर भी हमले किए गए. आईडीएफ का दावा है कि धमाकों के बाद वहां से जो सेकेंडरी ब्लास्ट हुए, उससे साबित होता है कि हिजबुल्लाह ने वहां भारी मात्रा में हथियार छिपाकर रखे थे.
सीजफायर पर मंडराया खतरा
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को आरोप लगाया कि हिजबुल्लाह लगातार सीजफायर (युद्धविराम) के नियमों को तोड़ रहा है. नेतन्याहू ने चेतावनी दी कि इजरायल चुप नहीं बैठेगा और अपनी उत्तरी सीमा की सुरक्षा के लिए पूरी ताकत से जवाब देगा. उन्होंने साफ किया कि इजरायली सेना अमेरिका के साथ तय किए गए नियमों और लेबनान के साथ बने तालमेल के तहत ही काम कर रही है.
ये भी पढ़ें: ईरान-अमेरिका तनाव: IRGC ने दी ‘सरप्राइज’ की चेतावनी, ट्रंप ने तैयार किया घेराबंदी का नया प्लान
ट्रंप की कोशिशें और मौजूदा हालात
यह पूरी सैन्य कारवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस ऐलान के बाद तेज हुई है, जिसमें उन्होंने 23 अप्रैल को सीजफायर को 3 हफ्ते के लिए बढ़ाने की बात कही थी. अमेरिकी प्रशासन लेबनान की मदद करने की कोशिश कर रहा है ताकि वह खुद को हिजबुल्लाह के प्रभाव से बचा सके, लेकिन फिलहाल जमीन पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है.
