इजराइल ने उत्तरी गाजा में किया जोरदार हमला, हमास के ये पांच कमांडर हैं निशाने पर

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की ओर से कह दिया गया है कि उनकी सरकार ने सेना को हमास को खत्म करने, सभी बंधकों को वापस लाने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. इसके बाद से इजराइल लगातार गाजा पर हमले कर रहा है.

इजराइली और हमास के बीच जंग जारी है. इस बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है. इजराइली सेना ने उत्तरी गाजा पट्टी में हमास के कमांड सेंटर को पूरी तरह तबाह कर दिया है. सेना के प्रवक्ता डैनियल हगारी की ओर से उक्त जानकारी दी गई है. उनकी ओर से बताया गया कि हमने उत्तरी गाजा पट्टी में हमास के सैन्य ढांचे को निशाना बनाया और इसे खत्म करने का काम पूरा कर लिया. फिलिस्तीनी सदस्य अब केवल छिटपुट रूप से और कमांडरों के बिना क्षेत्र में सक्रिय हैं. अब हमारा फोकस गाजा पट्टी के केंद्र और गाजा पट्टी के दक्षिण में हमास को पूरी तरह से नष्ट करने पर है. यदि आपको याद हो तो पिछले साल सात अक्टूबर को इजराइल पर हुए सबसे घातक हमले के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा के हमास शासकों को कुचलने के लिए कदम उठाया था. इसके बाद से वहां युद्ध की स्थित है.

हमास के ये पांच टॉप लीडर हैं इजराइल का टारगेट

याह्या सिनवार: याह्या सिनवार की बात करें तो गाजा पट्टी में हमास का वह नेता है. सात अक्टूबर को इजराइल पर हुए हमले का मास्टरमाइंड था, जिसमें 1,200 लोग मारे गए थे. इस हमले में ज्यादातर नागरिक मारे गये थे. वह 2017 से गाजा का ताकतवर आदमी है और चार बार आजीवन कारावास की सजा काट चुका है. पिछले दिनों गाजा पट्टी में चल रही लड़ाई में इजराइल की सेना दो बार हमास के कमांडर याह्या सिनवार को पकड़ने के एकदम करीब पहुंच गई थी लेकिन उसके बाद भी उसमें वह सफल नहीं रहीं.

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इस्माइल हनियेह: इस्माइल हनियेह की बात करें तो वह हमास के पोलित ब्यूरो के प्रमुख हैं जो पहले इजराइल में काम करते थे और बाद में हमास के संस्थापक शेख अहमद यासीन के निजी सहायक बन गए. उन्हें 1992 में लेबनान निर्वासित कर दिया गया था लेकिन डेढ़ साल बाद वह इजराइल लौट आए थे. बताया जाता है कि उनका परिवार गाजा में दर्जनों रियल एस्टेट संपत्तियों का मालिक है.

मुहम्मद डेफ: हमास के सैन्य बलों का प्रमुख मुहम्मद डेफ है. उसने कई आत्मघाती बम हमलों को अंजाम दिया है. इजराइल की ओर से दावा किया जाता रहा है कि डेफ वह शख्स है जो हमास के रॉकेट हमलों और सुरंग युद्ध का मास्टरमाइंड रहा है. सात अक्टूबर के हमलों की योजना बनाने में भी उसका हाथ था. वह इजराइल की वांटेड लिस्ट में सबसे ऊपर है.

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मारवान इस्सा: मुहम्मद डेफ के डिप्टी और हमास में नंबर दो की हैसियत रखने वाले शख्स का नाम मारवान इस्सा है. मारवान इस्सा को हमास के सबसे गुप्त नेताओं में से एक माना जाता है, जो इजराइल द्वारा गिरफ्तार किए जाने से पहले एक कुशल बास्केटबॉल खिलाड़ी थे.

मोहम्मद सिनवार: याह्या सिनवार के छोटे भाई और हमास के खान यूनिस ब्रिगेड के कमांडर का नाम मोहम्मद सिनवार है. वह कई बार इजराइल के हमले में बच चुका है.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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