Israel Hamas War: इजराइली हमले से गाजा में त्राहिमाम... खंडहर बन गया पूरा शहर, डॉक्टरों ने दी यह चेतावनी

गाजा के अस्पतालों में भी दो दिन के भीतर जनरेटर का ईंधन खत्म होने की आशंका है, जिससे हजारों मरीजों का जीवन खतरे में पड़ जाएगा. खान यूनिस में नासिर अस्पताल प्रशासन का कहना है कि आईसीयू घायल मरीजों से भरे हुए हैं, जिनमें से ज्यादातर तीन साल से कम उम्र के बच्चे हैं.

बीते शनिवार को हमास के आतंकियों की चढ़ाई, गोलीबारी और अगवा करने की घटना से बौखलाया इजराइल गाजा पट्टी पर हमास के ठिकानों पर अंधाधुंध बमबारी कर रहा है. इस हमले में हमस के ठिकाने तबाह हो रहे है, आतंकी भी मारे जा रहे हैं… लेकिन इस हमले में आम लोगों की भी जान जा रही है. बच्चे-बूढ़े और महिलाएं धमाकों में अपनी जान गंवा रही हैं.

इजराइल ने खाना, पानी, ईंधन समेत कई और जरूरी चीजों की सप्लाई लाइन पूरी तरह से बंद कर दिया है. इसके कारण गाजा में जरूरी और जीवनोपयोगी सामानों की घोर किल्लत हो गई है.

वहीं, इजराइल की सेना की कार्रवाई से पहले गाजा में चिकित्सकों ने रविवार को आगाह किया कि अगर घायलों से भरे अस्पतालों में ईंधन, दवा और बुनियादी आपूर्ति खत्म हो गई, तो हजारों मरीजों की मौत हो सकती है. नागरिकों को भोजन, पानी और सुरक्षित स्थान की तलाश में संघर्ष करना पड़ रहा है.

गाजा के अस्पतालों में भी दो दिन के भीतर जनरेटर का ईंधन खत्म होने की आशंका है, जिससे हजारों मरीजों का जीवन खतरे में पड़ जाएगा. खान यूनिस में नासिर अस्पताल प्रशासन का कहना है कि आईसीयू घायल मरीजों से भरे हुए हैं, जिनमें से ज्यादातर तीन साल से कम उम्र के बच्चे हैं. विस्फोट से गंभीर रूप से घायल सैकड़ों लोग अस्पताल आए हैं. अस्पताल ने बताया कि सोमवार तक ईंधन खत्म होने की आशंका है. जिससे आईसीयू में 35 मरीज वेंटिलेटर पर हैं और अन्य 60 डायलिसिस पर हैं. अस्पताल का कहना है कि अगर ईंधन खत्म हो जाता है, तो इसका मतलब है कि पूरी स्वास्थ्य प्रणाली ठप हो जाएगी, सेवाएं बंद हो जाएंगी.

बता दें, हमास के अचानक से हमला करने के बाद इजराइल ने पूरे गाजा क्षेत्र की घेराबंदी कर दी है और उत्तरी इलाकों को खाली कर फलस्तीनियों को दक्षिण की ओर जाने का आदेश दिया है. इस क्षेत्र में अमेरिकी युद्धपोतों की तैनाती बढ़ने के साथ इजराइली सेना गाजा की सीमा पर लामबंद हो चुकी है. इजराइल ने कहा है कि वह चरमपंथी समूह हमास को खत्म करने के लिए एक व्यापक अभियान चलाएगा.

इजराइली सेना ने गाजा पट्टी की सीमा पर भारी संख्या में मौजूद है. गाजा के अंदर दाखिल होने को सेना पूरी तरह तैयार है. इंतजार है तो बस आदेश का. इसी कड़ी में शनिवार को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू लड़ाई के मोर्चे पर पहुंचे. उन्होंने अपने सैनिकों का हौसला बढ़ाया. साथ ही ग्राउंड जीरो के हालात का जायजा लिया.  

युद्ध के आठवें दिन भी इजराइल ने गाजा पट्टी पर जमकर हमला किया है. इजराइली बमों के धमाके से गाजा पट्टी पर खड़ी ऊंची-ऊंची इमारतें जमींदोज हो गई है. हर तरफ मलबा ही मलबा नजर आ रहा है.

इजराइल अब हमास के खिलाफ जमीनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहा है. इजराइल के रॉकेट और बमों ने आतंकियों की कमर तोड़ दी है. हालांकि हमस के कई आतंकी अभी भी सुरंग में छिपे हैं जिसकी तलाश में इजराइल अपनी सेना को गाजा पट्टी में भेजने की तैयारी कर रहा है.
गाजा पट्टी बॉर्डर पर भारी संख्या में इजराइली सेना तैनात है.

हमास ने कहा कि गाजा पट्टी पर इजराइल की ओर से की गई भारी बमबारी में 13 बंधकों की मौत हो गई, जिनमें विदेशी भी शामिल हैं. हालांकि इजराइली सेना के प्रवक्ता रियर एडमिरल डेनियल हैगारी ने हवाई हमलों में बंधकों के मारे जाने की खबर को खारिज किया है.

इजराइल हमास युद्ध के बीच ईरान ने एक बार फिर इजराइल को बड़ी चेतावनी दी है. ईरान के विदेश मंत्री होसैन अमीर अब्दुल्लाहियन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर हिजबुल्लाह लड़ाई में शामिल हुआ तो युद्ध मध्य पूर्व के अन्य हिस्सों में फैल सकता है तथा इससे इजराइल को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >