Israel Ground Operation Lebanon: ईरान के खिलाफ जारी युद्ध के बीच इजरायल ने लेबनान में ग्राउंड ऑपरेशन शुरू कर दिया है. इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने आधिकारिक तौर पर दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह (Hezbollah) के प्रमुख ठिकानों के खिलाफ ‘सीमित और लक्षित जमीनी अभियान’ शुरू करने की घोषणा की है. इसे क्षेत्रीय तनाव में एक महत्वपूर्ण बढ़ोतरी माना जा रहा है. ईरान के खिलाफ इजरायल और अमेरिका ने 28 फरवरी को हमला किया था, इसके जवाब में ईरान के प्रॉक्सी हिज्बुल्लाह ने 2 मार्च को अटैक किया. इजरायल को निशाना बनाते हुए उसने रॉकेट दागे, इसके बाद से इजरायली बलों ने लेबनान में दूसरा मोर्चा खोला.
सोशल मीडिया एक्स पर इस अभियान की जानकारी दी. अपने बयान में IDF ने कहा कि यह कार्रवाई ‘फॉरवर्ड डिफेंस एरिया को मजबूत करने’ के उद्देश्य से की जा रही है. सेना के अनुसार यह शुरुआती चरण एक व्यापक रक्षात्मक अभियान का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य अग्रिम सुरक्षा व्यवस्था को स्थापित और मजबूत करना है. इसके तहत इलाके में मौजूद आतंकी ढांचे को नष्ट करना और सक्रिय आतंकियों को खत्म करना शामिल है.
टारगेटेड अटैक पर IDF फोकस
तैनाती के बारे में अधिक जानकारी देते हुए IDF के आधिकारिक अकाउंट ने बताया कि ‘91वीं डिवीजन की सेना’ ने निर्धारित रक्षा क्षेत्र का विस्तार करने के लिए केंद्रित जमीनी अभियान शुरू कर दिया है. सेना ने कहा कि इस रक्षा क्षेत्र का विस्तार खतरों को खत्म करने और उत्तरी इलाकों (इजरायल के) के निवासियों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा परत बनाने के लिए जरूरी है.
बस्तियों की सुरक्षा करना प्रमुख उद्देश्य
जमीनी सैनिकों के प्रवेश से पहले युद्धक्षेत्र की तैयारी के लिए IDF ने बताया कि उसने तोपखाने और वायुसेना की मदद से इलाके में कई आतंकी ठिकानों पर हमले किए. ये अभियान 146वीं डिवीजन के साथ मिलकर चलाए जा रहे हैं और इनका मुख्य उद्देश्य गैलीली क्षेत्र की बस्तियों की सुरक्षा करना है. इजराइली सेना ने यह भी कहा कि वह इजराइल के नागरिकों को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होने देगी और दक्षिणी लेबनान में अभियान जारी रहेगा.
रात में शुरू हुआ ऑपरेशन
हिब्रू भाषा में किए गए पोस्ट के साथ कई दृश्य भी साझा किए गए, जिनमें नाइट विजन फुटेज और हाई-कॉन्ट्रास्ट तस्वीरें शामिल हैं. इन तस्वीरों में IDF के सैनिकों को घने लेबनानी इलाके में हरे थर्मल रंग के बीच आगे बढ़ते हुए देखा जा सकता है. सुरक्षा कारणों से सैनिकों के चेहरे धुंधले किए गए हैं.
एक तस्वीर में एक सैनिक किसी इमारत के अंदर हेडलैम्प की रोशनी में तारों या उपकरणों की जांच करता हुआ दिखाई देता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मिशन का उद्देश्य आतंकी ढांचे को ढूंढकर खत्म करना है. IDF ने कहा कि यह कार्रवाई सीधे तौर पर हिज्बुल्लाह संगठन के उस फैसले के जवाब में है, जिसमें उसने अभियान में शामिल होकर ईरान समर्थित नेटवर्क के तहत काम करना शुरू किया.
इजरायल ने लेबनान सरकार ने एक्शन की मांग की थी
लेबनान के हिज्बुल्लाह और इजरायली के बीच 1980 से लेकर अब तक लड़ाई चल रही है. 2024 में पेजर हमला करके इजरायल ने इस गुट के कई लड़ाकों का सफाया किया था. 2026 के इस ताजा संघर्ष में इजरायल ने 12 मार्च को लेबनान सरकार से मांग की थी कि वह हिज्बुल्लाह के खिलाफ ऐक्शन ले, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इजरायल ने कहा था कि कोई एक्शन न लेकर लेबनान सरकार आग से खेल रही है. अब इजरायल ने लेबनान के दक्षिणी इलाके से घुसकर खुद ही अभियान शुरू कर दिया है.
इजरायली हमलों से तबाह हो रहा लेबनान
इजरायली बलों के इस ऐक्शन की उम्मीद काफी समय से जताई जा रही थी. आरएफईआरएल की रिपोर्ट के मुताबिक, 2 मार्च को हिज्बुल्लाह के अटैक के बाद से आईडीएफ की कार्रवाइयों में अब तक 630 से ज्यादा लेबनानी नागरिक मारे गए हैं, जबकि 1500 से ज्यादा घायल हुए हैं, वहीं 80 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं. लेबनान में मारे गए ज्यादातर नागरिकों में बच्चे हैं. लेकिन इजरायल हमला करने से पीछे नहीं हट रहा है. उसका कहना है कि ईरान और हिज्बुल्लाह का मकसद हमारा अस्तित्व खत्म करना है, हम 24 घंटे हमले का शिकार हो रहे हैं.
ये भी पढ़ें:- ट्रंप बोले- ईरान युद्ध के बाद क्यूबा का नंबर… अटैक होगा या पीस डील से बनेगी बात?
ये भी पढ़ें:- यूएई में 19 भारतीयों समेत 35 लोग गिरफ्तार, युद्ध के बीच फर्जी वीडियो पोस्ट करने का आरोप
हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल ने अब तक 800 से ज्यादा हमले किए हैं. इनमें कई सीनियर लड़ाके भी मारे गए हैं. अब इजरायल सीधा मैदान में उतर गया है. ऐसे में ईरान के साथ-साथ यह मोर्चा खुलना जंग के जल्द समाप्त होने की उम्मीद से कहीं दूर है.
