Israel Defence Minister Katz: रक्षा मंत्री काटज ने कहा कि इजरायल डिफेंस फोर्सेस (IDF) हमले और बचाव दोनों के लिए तैयार है और सभी जरूरी ठिकानों की पहचान कर ली गई हैकाटज उन्होंने जोर देकर कहा कि अगली बार की सैन्य कार्रवाई पहले से अलग और बहुत ज्यादा घातक होगी. इजरायल का लक्ष्य ईरान के उन हिस्सों पर चोट करना है जहां उसे सबसे ज्यादा दर्द हो, ताकि वहां के शासन की नींव को हिलाया जा सके.
ईरान की अंदरूनी हालत पर उठाए सवाल
काटज ने ईरान के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि वहां के नेता इस वक्त सुरंगों में छिपे हुए हैं और उन्हें आपस में बातचीत करने या फैसले लेने में दिक्कत आ रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान का शासन अपने ही लोगों को दबाने के लिए ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड्स’ और ‘बसीज’ का इस्तेमाल करता है. साथ ही, उन्होंने तेहरान पर तेल की कीमतों को बढ़ाने की धमकी देकर दुनिया को डराने का भी आरोप लगाया.
डोनाल्ड ट्रंप बोले- परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेंगे
दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए साफ किया कि वह ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि ऐसे हथियारों का इस्तेमाल किसी को भी नहीं करना चाहिए. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका के पास पर्याप्त तेल सप्लाई है और कई जहाज अब ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) के बजाय अमेरिका की ओर आ रहे हैंकाटज
होर्मुज पर अमेरिका का नियंत्रण
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ पर पूरा नियंत्रण है और ईरान पर दबाव बनाने के लिए इसे जानबूझकर बंद रखा गया हैकाटज उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका इस समय सऊदी अरब और रूस से भी ज्यादा तेल उत्पादन कर रहा है और वे वेनेजुएला से भी लाखों बैरल तेल ले रहे हैंकाटज ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वे ईरान के साथ एक मजबूत समझौता चाहते हैं और इसके लिए वे किसी जल्दबाजी में नहीं हैं.
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ईरान ने दिखाया एकता का संदेश
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में ईरान के अंदरूनी पावर स्ट्रक्चर में फूट के दावे किए गए थे, जिसे ईरान सरकार ने पूरी तरह खारिज कर दिया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर ईरानी सरकार ने एकता का संदेश जारी किया.
ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ, सरकारी सूचना परिषद के प्रमुख इलियास हजराती और कृषि मंत्री गुलामरेजा नूरी सहित कई बड़े अधिकारियों ने एक साथ पोस्ट शेयर कर कहा कि ईरान पूरी तरह एकजुट है. उन्होंने कहा कि अमेरिका की तरफ से देश को ‘कट्टरपंथी’ और ‘उदारवादी’ जैसे गुटों में बांटने की कोशिशें हकीकत से परे हैं.
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