अमेरिका की नई नाकेबंदी पर भड़का ईरान, पूरे मिडिल ईस्ट से ऊर्जा निर्यात रोकने की धमकी दी

ईरान ने अमेरिकी बंदरगाहों पर नाकेबंदी के जवाब में एक बड़ा कदम उठाया है. देश ने पूरे मिडिल ईस्ट से ऊर्जा निर्यात रोकने की धमकी दी है. जानें इस बढ़ते तनाव का वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर क्या असर पड़ सकता है.

Iran-US Conflict : अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर फिर से नाकेबंदी लागू कर दी है. यह कदम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर हुए हमलों के बाद उठाया गया. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका को खुली धमकी दी है कि यदि उसके बंदरगाहों से नाकेबंदी जल्द नहीं हटाई गई तो पूरे मिडिल ईस्ट से ऊर्जा निर्यात को रोक दी जाएगी है.

ऊर्जा आपूर्ति रोकने की चेतावनी

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC)  ने मिडिल ईस्ट से तेल और गैस के निर्यात को रोकने की धमकी दी. संगठन ने कहा कि अगर क्षेत्र में सभी देशों को निर्यात की अनुमति नहीं मिलेगी, तो किसी भी देश को ऊर्जा आपूर्ति नहीं होने दी जाएगी. इस बयान के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है.

हमलों में बढ़े घायल, तनाव और गहराया

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी हमलों में 260 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जबकि सरकार ने 30 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि की है. अमेरिकी सेना ने कई सैन्य ठिकानों पर सात घंटे तक कार्रवाई की. दूसरी ओर ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन की दिशा में मिसाइल और ड्रोन दागे, जिनमें कई हमलों को बीच रास्ते में ही रोक दिया गया.

दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा खतरा

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के तेल और प्राकृतिक गैस व्यापार का सबसे अहम समुद्री मार्ग माना जाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह मार्ग लंबे समय तक बाधित रहा तो कच्चे तेल, गैस, उर्वरक और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है. संयुक्त राष्ट्र में ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई को आक्रामक बताया, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को समझौता करने की चेतावनी देते हुए आगे और सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए. इससे पूरे मिडिल ईस्ट में बड़े संघर्ष का खतरा और बढ़ गया है.


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By Satyendra Giri

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

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