Iran US War: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना की ओर से Larak Island पर हमला किया गया, जिसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की है. ईरान ने जॉर्डन में मौजूद दो अमेरिकी एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करने का दावा किया है.
जॉर्डन में दो अमेरिकी एयरबेस पर ईरान का हमला
ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी के मुताबिक IDRC (Islamic Revolutionary Guard Corps) ने जॉर्डन में किंग हुसैन (King Hussein) और अल- अजराक (Al-Azraq) अमेरिकी एयरबेस पर हमला किया है. ईरान ने दावा किया है कि मिसाइलों से इन ठिकानों पर मौजूद तकनीकी और मेंटेनेंस सुविधाओं के साथ लड़ाकू विमानों की जगहों को निशाना बनाया गया. वहीं, अल अरबिया की रिपोर्ट के मुताबिक जॉर्डन की एयर डिफेंस ने ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया.
लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान का पलटवार
ईरानकी यह कार्रवाई लारक द्वीप (Larak Island) पर अमेरिकी हमले के बाद की गई है. ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB के मुताबिक, लारक द्वीप पर अमेरिकी हमला दो चरणों में किया गया. इस हमले में कई लोगों के घायल होने और मारे जाने की बात कही गई है. IRIB ने यह भी कहा कि सिरिक इलाके में सुनाई दी आवाजें ईरान की ओर से की गई डिफेंस कार्रवाई के कारण थीं.
ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी जारी
इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमान (CENTCOM) ने कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी जारी है. CENTCOM के मुताबिक 30 अगस्त तक अमेरिकी बलों ने 83 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला, तीन जहाजों को निष्क्रिय किया और दो जहाजों पर चढ़कर जांच की. CENTCOM ने बताया कि अमेरिकी नौसेना अरब सागर में लगातार कार्रवाई कर रही है और ईरान के खिलाफ लागू नाकाबंदी जारी है.
IRGC ने पहले ही दी थी बदले की चेतावनी
ईरान के अमेरिकी ठिकानों पर हमले से पहले IRGC के जनसंपर्क विभाग (पब्लिक रिलेशन डिपार्टमेंट) ने अमेरिका को सीधी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी. IRGC ने कहा था कि हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा दी जाएगी. आईआरजीसी के प्रवक्ता और जनसंपर्क प्रमुख हुसैन मोहेबी ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को बड़ी गलती बताया. उन्होंने कहा कि अमेरिका को इस कदम की कीमत आर्थिक और सैन्य दोनों मोर्चों पर उसे चुकानी पड़ेगी.
आर्थिक युद्ध के दौरान ट्रंप सरकार की यह कार्रवाई एक रणनीतिक और घातक गलती थी, एक ऐसी गलती जो योजनाकारों के खिलाफ संतुलन बिगाड़ देगी और इसके भारी परिणाम भुगतने पड़ेंगे. दुश्मन को इस गलत अनुमान का खामियाजा आर्थिक और सैन्य दोनों क्षेत्रों में भुगतना पड़ेगा- IRGC प्रवक्ता और जनसंपर्क प्रमुख हुसैन मोहेबी
अमेरिकी आर्थिक अभियान के बाद बढ़ा तनाव
यह सैन्य तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब 24 अगस्त को अमेरिकी अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट शुरू करने की घोषणा की थी. इस अभियान का मकसद ईरान के वैश्विक वित्तीय नेटवर्क और सरकार के राजस्व के स्रोतों पर दबाव बढ़ाना बताया गया है. अमेरिका के आर्थिक कदम और उसके बाद हुई सैन्य कार्रवाई के बीच अब ईरान की ओर से जवाबी मिसाइल हमले के दावे ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है.
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