Iran US Conflict: मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच पाकिस्तान अपना नाम भुनाने में कहीं से भी पीछे नहीं है. गुरुवार को पाकिस्तान ने दावा किया कि वह अमेरिका और ईरान के बीच संदेशों के आदान-प्रदान में भूमिका निभा रहा है. पाकिस्तान का कहना है कि क्षेत्र में जारी तनाव और संघर्ष को खत्म करने का एकमात्र रास्ता संवाद और कूटनीति है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि तुर्किये और मिस्र भी इस कूटनीतिक पहल का समर्थन कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और हालात को बिगड़ने से रोकने के लिए लगातार सक्रिय प्रयास कर रहा है. पाकिस्तान की ओर से यह बयान ऐसे समय आया है, जब मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है.
बिचौलिए का काम कर रहा पाकिस्तान
पाकिस्तान के विदेश मंत्री और उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष (Indirect) वार्ता पाकिस्तान के जरिए संदेशों के आदान-प्रदान के माध्यम से चल रही है. उन्होंने कहा कि इस सिलसिले में अमेरिका ने 15 पॉइंट वाला एक प्रस्ताव साझा किया है, जिस पर ईरान विचार कर रहा है. इशाक डार ने अपने पोस्ट में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिका के पश्चिम एशिया मामलों के दूत स्टीव विटकॉफ को भी टैग किया.
ईरान फिलहाल बातचीत के मूड में नहीं
इससे एक दिन पहले यानी 25 मार्च को एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया था कि पाकिस्तान, अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की कोशिश कर रहा है. अधिकारी के मुताबिक, इस्लामाबाद को संभावित बातचीत स्थल के तौर पर भी प्रस्तावित किया गया है. हालांकि, यह पहल तभी आगे बढ़ सकती है जब ईरान अमेरिका के साथ वार्ता के लिए तैयार हो, लेकिन फिलहाल तेहरान का रुख इसके पक्ष में नहीं दिख रहा है.
15 सूत्रीय प्रस्ताव की शर्तें काफी सख्त
अधिकारी ने बताया कि अमेरिका के 15 सूत्रीय प्रस्ताव में ईरान की परमाणु नीति और क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर कड़ी शर्तें रखी गई हैं. इसके बदले में ईरान को बड़े पैमाने पर प्रतिबंधों में राहत देने की बात कही गई है. पाक अधिकारी ने यह भी कहा कि ईरान ने इस प्रस्ताव पर अपना रुख और सख्त कर लिया है. यदि किसी मध्यस्थता के जरिए गंभीर बातचीत शुरू भी होती है, तो तेहरान अमेरिका से महत्वपूर्ण रियायतों की मांग कर सकता है. वहीं ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी ने खबर दी है कि तेहरान ने अमेरिका के 15 सूत्रीय प्रस्ताव पर अपनी नकारात्मक प्रतिक्रिया दी है. ऐसे में मिडिल ईस्ट जंग में सीजफायर की संभावना फिलहाल काफी कम लग रही है. (इनपुट भाषा)
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