Iran US Conflict: ईरान ने अमेरिका और इजराइल को धमकी दी है. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बुधवार को कहा कि अगर एक बार फिर अमेरिका और इजराइल ईरान पर हमला करते हैं तो इस बार युद्ध मिडिल ईस्ट तक ही सिमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके बाहर तक युद्ध का दायरा बढ़ सकता है. ईरान के सरकारी मीडिया इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) ने इसकी जानकारी दी है. IRIB के मुताबिक आईआरजीसी ने चेतावनी दी है- अगर ईरान के खिलाफ हमले दोहराए जाते हैं, तो युद्ध मिडिल ईस्ट क्षेत्र से बाहर तक फैल जाएगा और हमारे करारे प्रहार आपको उन जगहों पर लगेंगे, जिनकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते.
ईरान ने नहीं दिखाई पूरी ताकत- IRGC
आईआरजीसी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच करीब 39 दिनों के टकराव के बाद तनाव चरम पर है. IRGC ने अपने संदेश में कहा कि ईरान ने अब तक अपनी पूरी ताकत नहीं दिखाई है. कोर्प्स का दावा है कि हालिया संघर्ष के दौरान अमेरिका और इजराइल ने अपनी पूरी सैन्य क्षमता का इस्तेमाल किया, लेकिन ईरान ने अभी अपनी सभी ताकतों को सक्रिय नहीं किया था. आईआरजीसी ने यह भी कहा कि उसकी पहले दी गई चेतावनियां अब सही साबित हो रही हैं. अमेरिकी हस्तक्षेप के बाद संघर्ष पूरे क्षेत्र में फैल चुका है.
आईआरजीसी ने कहा- सोशल मीडिया नहीं, युद्ध के मैदान में दिखेगी ताकत
आईआरजीसी ने अपने बयान में अमेरिका को चेतावनी दी है कि ईरान की शक्ति बयानबाजी या सोशल मीडिया पोस्ट से नहीं, बल्कि युद्ध के मैदान में दिखाई देगी. आईआरआईबी के अनुसार IRGC ने अपने आधिकारिक बयान में कहा- हम युद्ध के पुरुष हैं, और आप हमारी शक्ति युद्ध के मैदान में देखेंगे, सोशल मीडिया पर खोखले बयानों में नहीं.
ट्रंप का दावा- ईरान समझौता करने के लिए बेताब
आईआरजीसी के इस बयान से पहले मंगलवार (19 मई) को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान समझौता करने के लिए बेहद उत्सुक है और मौजूदा संघर्ष बहुत जल्द खत्म हो सकता है. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा- वहां इतना तेल है कि कीमतें तेजी से गिरेंगी. हम इस युद्ध को बहुत जल्द समाप्त कर देंगे. वे समझौता करने के लिए इतने बेताब हैं. उन्होंने दावा किया कि वैश्विक बाजार में तेल की प्रचुर उपलब्धता के कारण आने वाले समय में तेल की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है.
अमेरिकी सीनेट में ट्रंप की युद्ध शक्तियों पर रोक का प्रस्ताव
अमेरिकी न्यूज चैनल सीबीएस न्यूज के अनुसार अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान में सैन्य कार्रवाई की शक्तियों को सीमित करने वाले प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की मंजूरी दी है. सीनेटरों ने 50-47 मतों से प्रस्ताव को समिति से बाहर लाने के पक्ष में मतदान किया. इस दौरान चार रिपब्लिकन सांसदों ने भी डेमोक्रेट सांसदों का समर्थन किया. डेमोक्रेटिक सीनेटर टिम केन की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव में कहा गया है कि राष्ट्रपति बिना कांग्रेस की स्पष्ट अनुमति के ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई में अमेरिकी सेना का इस्तेमाल नहीं कर सकते.
खाड़ी देशों की अपील के बाद टला अमेरिकी हमला
इससे इतर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की अपीलों के बाद अमेरिका ने तेहरान पर हमले को टाल दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वे ईरान पर पूर्ण, बड़े पैमाने पर हमला करने के लिए तैयार हैं.
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