Iran Strike Saudi US Air Base: सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ईरान ने मिसाइल और ड्रोनों से बड़ा हमला किया है. द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में अमेरिका का सबसे खास निगरानी विमान ‘E-3 सेंट्री’ (AWACS) बुरी तरह तबाह हो गया है. यह कोई साधारण प्लेन नहीं है, बल्कि उड़ता हुआ कमांड सेंटर है जो 250 मील के दायरे में दुश्मन की हर हरकत पर नजर रखता है. रिटायर्ड कर्नल जॉन वेनेबल ने बताया कि इस नुकसान से खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका की निगरानी करने की ताकत कम हो गई है.
12 अमेरिकी सैनिक घायल, दो की हालत बेहद गंभीर
इस हमले में कम से कम 12 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से दो की स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है. यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के स्टेटमेंट के अनुसार, जब से अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बमबारी शुरू की है, तब तक कुल 303 अमेरिकी सैनिक जख्मी हो चुके हैं. हालांकि, कैप्टन टिम हॉकिन्स का कहना है कि इनमें से 273 सैनिक मामूली चोटों के बाद ड्यूटी पर लौट आए हैं.
मैदान में उतरा समंदर में ‘USS त्रिपोली’
हालात को देखते हुए अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी ताकत और बढ़ा दी है. 27 मार्च को ‘USS त्रिपोली’ नाम का बड़ा युद्धपोत करीब 3,500 मरीन सैनिकों के साथ इस इलाके में पहुंच गया है. CENTCOM ने कन्फर्म किया है कि यह जहाज जापान से आया है और इस पर दर्जनों हेलिकॉप्टर, ऑस्प्रे विमान और F-35B फाइटर जेट्स तैनात हैं. इसके अलावा अमेरिका अब 10,000 और सैनिक भेजने की तैयारी में है ताकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास सैन्य कार्रवाई के ज्यादा विकल्प रहें.
खराब हुआ दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर
एक तरफ नए जहाज आ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर ‘USS जेराल्ड आर फोर्ड’ जंग के मैदान से बाहर हो गया है. न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इस जहाज की लॉन्ड्री में आग लगने और प्लंबिंग की समस्या के कारण इसे रिपेयरिंग के लिए क्रोएशिया के स्प्लिट पोर्ट पर भेजा गया है. यह करीब एक साल तक सर्विस से बाहर रह सकता है. इसकी कमी पूरी करने के लिए अब ‘USS जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश’ को रवाना किया गया है, जिसके बाद क्षेत्र में अमेरिकी कैरियर की संख्या तीन हो जाएगी.
ये भी पढ़ें: ‘इन 2 अपराधियों को याद रखना’: ईरान ने स्कूल हमले के दोषी अमेरिकी अफसरों को किया बेनकाब
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी: ईरान के 150 जहाज तबाह
सेंटकॉम ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का डेटा भी शेयर किया है. 28 फरवरी से अब तक अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर 11,000 से ज्यादा उड़ानें भरी हैं. इस कार्रवाई में ईरान के 150 से ज्यादा जहाजों को नुकसान पहुंचा है या वे डूब गए हैं. अमेरिका का फोकस खासतौर पर ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल साइट्स और हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियों पर है. इतनी बड़ी सैन्य कार्रवाई के बीच दोनों देशों के बीच बातचीत के रास्ते भी तलाशे जा रहे हैं.
ये भी पढ़ें: यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की का दावा: ईरान के हमले से पहले रूस ने लीं अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सैटेलाइट तस्वीरें
