ईरान ने जब्त किया सिंगापुर जा रहा टैंकर जहाज; US-UK ने लगाया गंभीर आरोप, होर्मुज स्ट्रेट में फिर बढ़ा तनाव

Iran seized Tanker tension in Strait of Hormuz: ईरान के ऊपर अमेरिका और यूके ने आरोप लगाया है कि उसने सिंगापुर जा रहे एक टैंकर को जब्त कर लिया है. यह जब्ती कई महीनों बाद हुई है, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है.

Iran seized Tanker tension in Strait of Hormuz: वैश्विक तनाव की घटनाओं में शुक्रवार को एक और इजाफा हुआ. ईरान के ऊपर आरोप है कि उसने 14 नवंबर 2025 को एक मार्शल आइलैंड्स के फ्लैग वाले तेल टैंकर को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय जब्त कर लिया. ईरान ने इस जहाज को अपनी क्षेत्रीय जलसीमा में मोड़ दिया. रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण इस जलमार्ग में महीनों बाद यह पहली जब्ती है. इस घटना के बाद संघर्ष और तनाव बढ़ सकता है. ईरान ने इस कार्रवाई की तुरंत पुष्टि नहीं की है, लेकिन यह ऐसे समय में हुआ है जब तेहरान हाल ही में इजरायल के साथ जून में हुए 12-दिवसीय युद्ध और उसमें अमेरिकी हमलों से अपने परमाणु ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद जवाबी कार्रवाई की चेतावनियाँ बढ़ा रहा है.

अमेरिकी रक्षा अधिकारी के अनुसार ‘तलारा’ नामक यह जहाज संयुक्त अरब अमीरात के अजमान से सिंगापुर की ओर जा रहा था. लेकिन ईरानी सुरक्षा बलों ने इसे रोक लिया. अमेरिकी नौसेना का MQ-4C ट्राइटन ड्रोन कई घंटों तक तलारा के ऊपर चक्कर लगाकर इस जब्ती की निगरानी कर रहा था. निजी सुरक्षा फर्म ‘ऐम्ब्रे’ ने बताया कि हमले में तीन छोटी नावों ने तलारा के पास पहुँचकर उसे रोका. 

यूके ने भी की जब्ती की पुष्टि

ब्रिटिश सेना के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर ने भी इस घटना की पुष्टि की और कहा कि संभवतः स्टेट स्पांसर्ड एक्टिवटी के चलते तलारा को ईरानी जलसीमा की ओर मोड़ा गया. इस जहाज का मालिकाना हक ग्रीस के पास है. हालांकि न्यूज एजेंसी की ओर से इस मामले पर प्रतिक्रिया मांगे जाने पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की है.

साइप्रस स्थित कोलंबिया शिपमैनेजमेंट ने एक बयान में कहा कि कंपनी का इस टैंकर से संपर्क टूट गया है. इस जहाज में हाई-सल्फर गैसऑयल जा रहा था. कंपनी ने कहा, “हमने संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया है और समुद्री सुरक्षा एजेंसियों तथा जहाज के मालिक सहित सभी पक्षों के साथ मिलकर संपर्क बहाल करने पर काम कर रहे हैं. चालक दल की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.”

ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की देता रहा है धमकी

ईरान लंबे समय से होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी देता रहा है. यह वही संकीर्ण जलमार्ग है जिससे दुनिया में व्यापार होने वाले कुल तेल का 20% गुजरता है. अमेरिकी नौसेना की बहरीन स्थित 5वीं बेड़ा लंबे समय से इस क्षेत्र में गश्त कर रही है ताकि समुद्री मार्ग खुले रहें. ईरान इससे पहले भी कई बार जहाजों को अपने नियंत्रण में ले चुका है. सबसे ताजा मामला अप्रैल 2024 का है, जब आईआरजीसी (ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड) के जवानों ने हेलीकॉप्टर की मदद से होर्मुज जलडमरूमध्य में एरीज नामक पुर्तगाली-ध्वज वाले कार्गो जहाज पर कब्जा कर लिया था. करीब एक महीने बाद चालक दल को तो रिहा कर दिया गया, लेकिन जहाज अब भी ईरानी नियंत्रण में ही है.

ईरान ने पहले भी जब्त किए हैं टैंकर जहाज

ईरान द्वारा की गई पिछली बड़ी जब्ती मई 2022 में हुई थी, जब उसने दो ग्रीक टैंकरों को पकड़ा था और नवंबर तक उन्हें रोके रखा था. वहीं अमेरिकी नौसेना ने 2019 में टैंकरों पर हुए ‘लिम्पेट माइन’ हमलों और 2021 में एक इजराइल-लिंक्ड तेल टैंकर पर ईरान के ड्रोन हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है, िसमें दो यूरोपीय चालक दल के सदस्य मारे गए थे. हालांकि ये हमले तब शुरू हुए थे जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में 2015 के परमाणु समझौते से एकतरफा तौर पर बाहर निकलने का फैसला किया था. इसके बाद से इस क्षेत्र में तनाव दिन प्रति दिन बढ़ता जा रहा है.

इजरायल-हमास युद्ध में दब गई थीं ये घटनाएं

ये घटनाएँ ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के जहाजों पर हमलों के बीच दब गईं, जिनमें गाजा पट्टी में इजरायल-हामास युद्ध के दौरान जहाजों को निशाना बनाया गया. इससे लाल सागर के महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर यातायात काफी कम हो गया. ईरान और पश्चिम के बीच वर्षों से चले आ रहे तनाव, और गाजा की स्थिति ने मिलकर जून में 12-दिवसीय पूर्ण युद्ध का रूप ले लिया.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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