Kharg Island : करीब एक महीने से चल रहे युद्ध (28 फरवरी से युद्ध जारी है) को खत्म करने के लिए अमेरिका के सीजफायर प्लान को ईरान ने ठुकरा दिया. इसके ठीक अगले दिन ईरान के अहम तेल ठिकाने खार्ग आइलैंड पर कई हमले किए गए. ईरान के सेमी ऑफिशियल मेहर न्यूज के हवाले से यह खबर सामने आयी है. इन हमलों से इलाके में तनाव और बढ़ गया है. खार्ग आइलैंड ईरान के लिए बेहद अहम है, क्योंकि यहीं से उसके ज्यादातर तेल का एक्सपोर्ट होता है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, खार्ग आइलैंड पर हमलों के बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने सख्त लहजे में कहा कि अब सब्र खत्म हो चुका है. इस हमले के बाद आशंका जताई जा रही है कि इलाके में कच्चे तेल की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हो सकती है. इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी पड़ सकता है.
IRGC ने दी चेतावनी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, IRGC ने चेतावनी दी है कि वह अमेरिका और उसके सहयोगियों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना सकता है. यही नहीं, तेल-गैस की सप्लाई सालों तक रुकावट डाल सकता है.
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ईरान को एक रात में तबाह किया जा सकता है : ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (6 अप्रैल) को ईरान को फिर कड़ी धमकी दी. उन्होंने कहा कि पूरा देश एक ही रात में तबाह किया जा सकता है और वह रात 7 अप्रैल भी हो सकती है. ट्रंप ने ईरान के पुलों और पावर प्लांट को निशाना बनाने की बात कही. साथ ही यह भी कहा कि उन्हें युद्ध अपराधों की कोई चिंता नहीं है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तेहरान मंगलवार रात 8 बजे तक आत्मसमर्पण नहीं करता, तो असैन्य ढांचे (सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर) पर हमले किए जाएंगे.
खार्ग आइलैंड पर जोरदार हवाई हमले
14 मार्च 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिकी सेना ने ईरान के अहम खार्ग आइलैंड पर जोरदार हवाई हमले किए. उनके मुताबिक, वहां मौजूद सैन्य ठिकानों पर भारी बमबारी की गई और सभी टारगेट पूरी तरह तबाह कर दिए गए. उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई बेहद सटीक और ताकतवर रही, जिससे दुश्मन को बड़ा नुकसान हुआ.
