Iran-Israel War : अब क्या करेगा ईरान? G7 ने दिया इजराइल को खुला सपोर्ट

Iran-Israel War : इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष बढ़ने के संकेतों के बीच ट्रंप जी-7 छोड़ अमेरिका के लिए रवाना हो गए. इस बीच जी7 शिखर सम्मेलन में सभी देशों ने इजरायल का समर्थन किया है. यही नहीं, ईरान पर तनाव कम करने का दबाव डाला.

Iran-Israel War : इजराइल ने अमेरिका से खुला समर्थन मांगा है जिसपर अमेरिका इस पर विचार कर रहा है. इजराइल चाहता है कि अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करने के सैन्य अभियान में शामिल हो जाए. यह अपील विशेष रूप से उन अंडरग्राउंड परमाणु ठिकानों को लेकर है, जिन्हें सिर्फ अमेरिका के पास मौजूद खास हथियारों से ही नष्ट किया जा सकता है. जी7 शिखर सम्मेलन में सभी देशों ने इजरायल का खुलकर समर्थन किया. इतना ही नहीं, ईरान से तनाव कम करने की अपील की. सदस्य देशों ने स्पष्ट किया कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने का कोई अधिकार नहीं होना चाहिए और इसे रोका जाना जरूरी है.

डोनाल्ड ट्रंप जी-7 शिखर सम्मेलन को बीच में ही छोड़कर अमेरिका रवाना

इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के चलते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जी-7 शिखर सम्मेलन को बीच में छोड़कर अमेरिका लौट गए. दुनिया को इस तनाव की गंभीरता का अंदाजा तब हुआ जब ट्रंप ने सोमवार को कहा, “सभी को तुरंत तेहरान खाली कर देना चाहिए.” जी-7 सम्मेलन में विश्व नेता वैश्विक तनाव कम करने के मकसद से एकत्र हुए थे, लेकिन ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर पैदा हुए टकराव ने इस उद्देश्य को प्रभावित किया. गौरतलब है कि इजराइल ने चार दिन पहले ईरान पर हवाई हमले शुरू किए थे, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं.

ईरान को समझौता करना होगा: ट्रंप

शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी कि इससे पहले कि ‘‘बहुत देर हो जाए’’ ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम पर लगाम लगानी चाहिए. ट्रंप ने कहा कि ईरानी नेता बातचीत करना चाहते होंगे लेकिन उनके पास अपने परमाणु कार्यक्रमों को लेकर सहमति बनाने के लिए 60 दिन थे. फिर भी इजराइली हवाई हमले शुरू होने से पहले वे ऐसा करने में विफल रहे. अमेरिका के राष्ट्रपति ने साफ कहा, ‘‘ उन्हें समझौता करना होगा.’’ यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका इस संघर्ष में सैन्य रूप से शामिल होगा ट्रंप ने कहा, ‘‘ मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहता.’’

यूरेनियम एनरिचमेंट प्लांट कहां है ईरान में?

अब तक इजराइल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम स्थलों को निशाना बनाया है लेकिन वह ईरान के फोर्डो यूरेनियम एनरिचमेंट प्लांट को नष्ट नहीं कर सका है. यह स्थल जमीन के अंदर काफी गहराई में है और इसे नष्ट करने के लिए इजराइल को 30,000 पाउंड (14,000 किलोग्राम) के ‘जीबीयू-57 मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर’ की आवश्यकता होगी. इजराइल के पास इस स्तर के बमवर्षक नहीं हैं.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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