Dubai Marina: ईरान के राष्ट्रपति ने शनिवार को अपने पड़ोसी देशों से माफी मांगी थी. यह माफी इसलिए थी, क्योंकि ईरान ने अमेरिका और इजरायल के जवाबी हमलों के बाद मिडिल ईस्ट के देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए थे. लेकिन, इस माफी के कुछ ही घंटे बीते थे कि ईरान की ओर से एक हमला हुआ और निशाना बना दुबई मरीना की एक टावर बिल्डिंग. हालांकि, इसे रोक लिया गया था, लेकिन इसके कुछ टुकड़े बिल्डिंग पर गिरे, जिससे इमारत के बाहरी हिस्से से धुआं उठता देखा गया.
ईरान के इस हमले में, दुबई की 23 मरीना टॉवर इमारत को निशाना बनाया गया. अधिकारियों ने कुछ ही घंटों के भीतर स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया. सोशल मीडिया पर धुएं और नुकसान के वीडियो सामने आने के बाद लोगों में चिंता बढ़ गई थी, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह शहर पर सीधा हमला नहीं था, बल्कि इंटरसेप्ट किए गए प्रोजेक्टाइल के मलबे के गिरने से हुई एक छोटी घटना थी.
दुबई प्रशासन ने घटना की पुष्टि की
दुबई प्रशासन ने इस घटना की पुष्टि की. उसने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, ‘प्राधिकरणों ने पुष्टि की है कि सफल इंटरसेप्शन के बाद गिरे मलबे से दुबई मरीना की एक टावर बिल्डिंग के बाहरी हिस्से में मामूली घटना हुई. स्थिति अब नियंत्रण में है. किसी के घायल होने की खबर नहीं है.’
दुबई का पॉश इलाका है मरीना एरिया
दुबई मरीना अमीरात के सबसे घनी आबादी वाले इलाकों में से एक है, जहां लग्जरी रिहायशी टावर, होटल और फेमस वॉटरफ्रंट हैं. यहां करीब 90 मंजिला इस इमारत में अमीर प्रवासी, अंतरराष्ट्रीय पेशेवर और विदेशी निवेशक रहते हैं. इसकी अंतरराष्ट्रीय पहचान और प्रमुखता के कारण यहां हुई छोटी सी घटना भी सोशल मीडिया पर छा जाती है.
दुबई ने कई हमलों का किया सामना
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष का असर खाड़ी के कई देशों तक पहुंच चुका है. फरवरी 2026 के अंत में संघर्ष तेज होने के बाद से यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम ने सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया है. हालांकि, इंटरसेप्ट किए गए प्रोजेक्टाइल के कुछ टुकड़े कई बार जमीन पर गिर जाते हैं, जिससे द्वितीयक खतरे (सेकेंडरी रिस्क) पैदा होते हैं.
मरीना वाली घटना से पहले संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा था कि ‘एयर डिफेंस सिस्टम फिलहाल ईरान से आने वाले मिसाइल और ड्रोन खतरों का जवाब दे रहे हैं.’ मंत्रालय के अनुसार शनिवार को कुल 16 बैलिस्टिक मिसाइलों का पता चला था, जिनमें से 15 को मार गिराया गया, जबकि एक समुद्र में गिर गई. वहीं ट्रैक किए गए 121 ड्रोन में से 119 को नष्ट कर दिया गया.
ईरान ने पूरे मिडिल ईस्ट में किया हमला
अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया. यूएई के साथ ही ईरान ने पिछले कुछ दिनों में सऊदी अरब, बहरीन, कुवैत, साइप्रस, कतर, जॉर्डन और अजरबैजान सहित कई देशों में हमले किए हैं. बढ़ते सुरक्षा संकट के कारण यूएई में हवाई सेवाओं पर भी कुछ समय के लिए असर पड़ा. एमिरेट्स एयरलाइन ने शनिवार को दुबई आने-जाने वाली कई उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया.
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यूएई के राष्ट्रपति बोले- हम इस युद्ध से मजबूत होकर निकलेंगे
इस बीच यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने अबू धाबी टीवी पर राष्ट्र को संबोधित किया. संघर्ष बढ़ने के बाद यह पहली बार था जब उन्होंने सार्वजनिक रूप से देश से बात की. उन्होंने कहा कि देश ‘युद्ध के दौर से गुजर रहा है,’ लेकिन साथ ही यह भी कहा कि ‘हम इससे और मजबूत होकर निकलेंगे.’
ईरान ने सरेंडर की मांग ठुकराई
वहीं, शुक्रवार को डोनाल्ड ट्रंप की बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग पर प्रतिक्रिया दी. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान के दुश्मनों को ‘ईरानी जनता के बिना शर्त आत्मसमर्पण की अपनी इच्छा को अपने साथ कब्र में ले जाना होगा.’ 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान में समन्वित हवाई हमले किए थे. यह कार्रवाई परमाणु वार्ता रुकने और ईरान द्वारा परमाणु गतिविधियां फिर शुरू करने के दावों के बाद की गई.
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पेज़ेश्कियन ने अपने देश द्वारा युद्ध के दौरान किए गए हमलों के लिए पड़ोसी देशों से माफी मांगी. ईरानी सरकारी टीवी पर प्रसारित संबोधन में उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी ओर से और ईरान की ओर से उन पड़ोसी देशों से माफी मांगता हूं, जिन पर ईरान की ओर से हमले हुए. अंतरिम नेतृत्व परिषद ने कल यह फैसला किया है कि अब पड़ोसी देशों पर कोई हमला नहीं किया जाएगा और तब तक कोई मिसाइल नहीं दागी जाएगी जब तक उन देशों से ईरान पर हमला नहीं होता.’
