संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में मंगलवार ( 22 सितंबर ) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भाषण दिया. इसी दौरान ईरान और क्यूबा के प्रतिनिधिमंडलों ने सदन से वॉकआउट कर दिया. ईरानी प्रतिनिधि उस समय बाहर निकले जब ट्रंप पिछले महीनों में ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और संभावित समझौते पर बात कर रहे थे. इसके बाद क्यूबा के प्रतिनिधियों ने भी ट्रंप की टिप्पणियों के विरोध में सदन छोड़ दिया.
ईरान पर ट्रंप का कड़ा संदेश
ट्रंप ने ईरान को लेकर कहा कि उनके सामने एक बड़ा फैसला है. उन्होंने कहा कि एक विकल्प ईरान के साथ ऐसा समझौता करना है, जिससे वह दोबारा अपने देश का पुनर्निर्माण कर सके. वहीं दूसरा विकल्प इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ और कठोर सैन्य कार्रवाई करना है. ट्रंप ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने की अपनी नीति भी दोहराई.
‘डील या ईरान को तबाही की ओर धकेलना’
ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि उन्हें तय करना है कि ईरान के साथ समझौता किया जाए या उसे पूरी तरह तबाही की ओर धकेला जाए. उन्होंने हालांकि यह उम्मीद भी जताई कि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद दोनों देशों के बीच समझौता हो सकता है. बाद में ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच सम्मेलन से इतर बैठक भी हुई.
ट्रंप के भाषण के करीब 10 मिनट बाद निकले ईरानी प्रतिनिधि
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और विदेश मंत्री अब्बास अराघची UNGA के लिए न्यूयॉर्क में मौजूद थे, लेकिन ट्रंप के भाषण के दौरान मुख्य कक्ष में नहीं थे. उनकी जगह ईरान के जूनियर स्तर के अधिकारी और अन्य प्रतिनिधि मौजूद थे. ट्रंप के ईरान पर बोलना शुरू करने के बाद करीब 10 मिनट में ईरानी प्रतिनिधिमंडल के सदस्य सदन से बाहर निकल गए.
क्यूबा को ट्रंप ने बताया ‘फेल्ड स्टेट’
ट्रंप ने अपने संबोधन में क्यूबा पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने क्यूबा को एक विफल राज्य बताया और कहा कि वहां की कम्युनिस्ट सरकार पर अब तक का सबसे ज्यादा दबाव है. ट्रंप ने यह भी कहा कि क्यूबा में बदलाव आएगा और वहां स्वतंत्रता आएगी.
क्यूबा के प्रतिनिधियों ने भी छोड़ा UNGA हॉल
ट्रंप की क्यूबा संबंधी टिप्पणियों के बाद क्यूबा का प्रतिनिधिमंडल भी महासभा के मुख्य कक्ष से बाहर निकल गया. इस तरह एक ही भाषण के दौरान ईरान और क्यूबा के प्रतिनिधियों का वॉकआउट UNGA में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया.
अमेरिका के खिलाफ ‘सुरक्षित ठिकाना’ नहीं बनने देंगे
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपने दरवाजे पर विदेशी विरोधियों को धमकी देने के लिए किसी देश को सुरक्षित ठिकाना नहीं बनने देगा. उन्होंने क्यूबा पर अमेरिकी दबाव जारी रखने की बात कही और विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भूमिका का भी उल्लेख किया. ट्रंप के इन बयानों के बाद क्यूबा प्रतिनिधिमंडल के वॉकआउट ने अमेरिका-क्यूबा तनाव को फिर सुर्खियों में ला दिया
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