US Iran War : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, अमेरिका ने बुधवार दोपहर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में स्थित लारक द्वीप पर मिसाइल हमला किया. स्थानीय लोगों ने जोरदार धमाके की आवाज सुनने भागने लगे. हालांकि, अमेरिका ने अभी तक इस हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. ईरानी एजेंसियां नुकसान का आकलन कर रही हैं.
लगातार जारी हैं अमेरिकी सैन्य कार्रवाई
इस हमले से पहले भी अमेरिकी सेना ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बना रही थी. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उसने लगातार 11वीं रात ईरान से जुड़े सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की. अमेरिका का कहना है कि उसका मकसद ईरान की उस क्षमता को कमजोर करना है, जिससे वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही प्रभावित कर सकता है.
तेल सप्लाई पर मंडराया बड़ा खतरा
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है. दुनिया का करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अगर ईरान इस समुद्री मार्ग पर नियंत्रण करने या जहाजों से शुल्क वसूलने की कोशिश करता है, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन ईरान गंभीर नहीं दिख रहा.
ट्रंप की चेतावनी और बढ़ी चिंता
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान समर्थित हूती विद्रोही सऊदी अरब के समुद्री रास्तों को रोकने की कोशिश करेंगे, तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की कार्रवाई अभी खत्म नहीं हुई है और ईरान को इन हमलों से उबरने में कई साल लग सकते हैं. वहीं, ईरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज में दो तेल टैंकरों को रोका है. ऐसे में मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव वैश्विक तेल बाजार और ऊर्जा सुरक्षा के लिए नई चिंता बन गया है.
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