भारत और उज्बेकिस्तान के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 1 अरब अमेरिकी डॉलर है. इसे वर्ष 2030 तक बढ़ाकर 5 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए दोनों देश बाजार तक पहुंच आसान बनाने के साथ बैंकिंग और भुगतान से जुड़ी मौजूदा दिक्कतों को दूर करेंगे.
UPI और UZQR को जोड़ने पर सहमति
डिजिटल क्षेत्र में भी दोनों देशों ने अहम कदम उठाया है. भारत के यूपीआई (UPI) को उज्बेकिस्तान के UZQR सिस्टम से जोड़ने को लेकर वाणिज्यिक सहमति बनी है. इससे भारत और उज्बेकिस्तान आने-जाने वाले पर्यटकों, कारोबारियों और अन्य लोगों के लिए डिजिटल भुगतान आसान हो सकेगा.
उज्बेकिस्तान से यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति
भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए दोनों देशों ने असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई है. इसके तहत उज्बेकिस्तान से भारत को लंबे समय तक यूरेनियम की आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाएगा.
इसके अलावा उज्बेकिस्तान में मौजूद महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में भी भारतीय कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया है. भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, खनिजों की खोज और उनके प्रसंस्करण में भारत सहयोग करेगा.
रक्षा क्षेत्र में साथ मिलकर हथियार बनाने पर जोर
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रक्षा सहयोग को भी नई दिशा देने का फैसला किया गया है. अब दोनों देशों का फोकस सिर्फ सैन्य उपकरणों की खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं रहेगा. दोनों देश सैन्य उपकरणों के संयुक्त विकास और संयुक्त उत्पादन पर भी काम करेंगे.
आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे
क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर भी दोनों देशों ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. भारत और उज्बेकिस्तान ने आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने पर सहमति जताई. दोनों देशों ने मध्य एशिया में शांति और स्थिरता को प्राथमिकता देने की बात कही.
भारत और उज्बेकिस्तान ने एक स्वतंत्र, खुले और नियमों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई.
5 मुख्य बातें
- व्यापार 5 गुना करने का लक्ष्य: भारत और उज्बेकिस्तान ने 2030 तक आपसी व्यापार को 1 अरब डॉलर से बढ़ाकर 5 अरब डॉलर तक ले जाने का फैसला किया है.
- 11 नए समझौते: दोनों देशों ने पर्यटन, पढ़ाई, खेती, खनिज और संस्कृति जैसे 11 क्षेत्रों में मिलकर काम करने के लिए समझौतों पर दस्तखत किए.
- यूरेनियम की आपूर्ति: उज्बेकिस्तान भारत को परमाणु ऊर्जा बनाने के लिए यूरेनियम (ईंधन) की आपूर्ति करेगा.
- अब वहां भी चलेगा UPI: भारत के यूपीआई (UPI) को उज्बेकिस्तान के क्यूआर (QR) कोड सिस्टम से जोड़ दिया गया है. अब भारतीय पर्यटक वहां आसानी से ऑनलाइन पेमेंट कर सकेंगे.
- सुरक्षा और आतंकवाद पर सख्ती: दोनों देश मिलकर रक्षा उपकरण बनाएंगे और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेंगे.
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