India Nordic Summit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नार्वे में आयोजित तीसरे भारत नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के बाद मीडिया को संबोधित किया. पीएम मोदी ने भारत और नॉर्डिक देशों के बीच मजबूत होते संबंधों, वैश्विक शांति, आतंकवाद, बहुपक्षवाद (Multilateralism) और नई तकनीकों पर विस्तार से अपनी बातें रखीं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्डिक देश नेचुरल पार्टनर्स हैं और टेक्नोलॉजी दोनों की साझा प्राथमिकताओं में शामिल है. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में दोनों पक्षों के संबंधों में बहुत अधिक प्रगति हुई है. भारत और नॉर्डिक देशों के बीच व्यापार में चार गुना इजापा दर्ज किया गया है, जबकि पिछले एक दशक में भारत में नॉर्डिक निवेश में 200 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है.
पीएम मोदी ने दिया आतंकवाद पर सख्त संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर बेहद साफ रुख अपनाते हुए कहा कि इस मामले में कोई समझौता और कोई दोहरा मापदंड स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा- आतंकवाद पर हमारा स्पष्ट और एकजुट रुख है- नो कॉम्प्रोमाइज, नो डबल स्टैंडर्ड्स. वैश्विक संघर्षों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि चाहे यूक्रेन हो या मिडिल ईस्ट भारत शांति और संघर्षों के शीघ्र समाधान के प्रयासों का समर्थन करता रहेगा. उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक तनाव के दौर में भारत और नॉर्डिक देश नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे.
पीएम मोदी ने कहा- और मजबूत करेंगे सहयोग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्डिक देशों के बीच अनुसंधान और इनोवेशन सहयोग उनकी साझेदारी का अहम आधार बन चुका है. उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष विश्वविद्यालयों, रिसर्च लैब्स और स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच सहयोग को और मजबूत करेंगे. साथ ही आर्कटिक और ध्रुवीय अनुसंधान के क्षेत्र में साझेदारी को गहरा करने पर भी सहमति बनी है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्डिक देशों के बीच कौशल विकास और प्रतिभा आवागमन के नए अवसर भी विकसित किए जाएंगे.
स्वच्छ ऊर्जा और तकनीक पर खास फोकस
पीएम मोदी ने बताया कि शिखर सम्मेलन में स्थिरता, इनोवेशन, स्वच्छ ऊर्जा, उभरती तकनीक, ब्लू इकोनॉमी और समृद्ध भविष्य के लिए सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि भारत और नॉर्डिक देशों की साझेदारी लगातार गहरी और अधिक गतिशील होती जा रही है, जो आने वाले समय में वैश्विक विकास और स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. पीएम मोदी ने कहा कि हमारे बीच इस अनूठी रणनीतिक साझेदारी के गठन के साथ, हम स्वीडन के उन्नत विनिर्माण और रक्षा, फिनलैंड की दूरसंचार और डिजिटल टेक्नोलॉजी और डेनमार्क की साइबर सुरक्षा समेत स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी को भारत की प्रतिभा से जोड़ेंगे ताकि पूरी दुनिया के लिए विश्वसनीय समाधान विकसित किए जा सकें.
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