Pakistan News: Imran Khan ने पाकिस्तान सरकार को बताया याह्या खान पार्ट 2, कहा- शहबाज को PM कहने का मतलब नहीं

Imran Khan: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने सत्तारूढ़ सरकार की तुलना याह्या खान के दौर से की. उन्होंने कहा, शहबाज शरीफ को प्रधानमंत्री कहने का कोई मतलब नहीं.

Imran Khan: पाकिस्तान के सत्तारूढ़ गठबंधन और देश की संस्थाओं पर तीखा हमला करते हुए जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने मौजूदा स्थिति की तुलना सैन्य शासक याह्या खान के युग से की और आरोप लगाया कि देश की संस्थाओं को नष्ट किया जा रहा है. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पर कार्रवाई की निंदा करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री ने मौजूदा सरकार को याह्या खान पार्ट 2 बता दिया. पीटीआई संस्थापक और अध्यक्ष इमरान खान की अदियाला जेल में जेल ट्रायल के बाद मीडिया के प्रतिनिधियों से अनौपचारिक बातचीत की.

लोगों का पुलिस और कोर्ट पर से भरोसा उठ गया : इमरान खान

इमरान खान ने एक्स पर लंबा पोस्ट डाला और लिखा, देश इस समय याह्या खान (मार्शल लॉ तानाशाह) के शासन का फिर से सामना कर रहा है. जनरल याह्या खान ने देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के खिलाफ ऑपरेशन चलाया. याह्या खान पार्ट टू भी यही कर रहा है और देश की संस्थाओं को नष्ट कर रहा है. इन दिनों जो कुछ भी हो रहा है, उससे लोगों का पुलिस और कोर्ट पर से भरोसा उठ गया है.

बुशरा खान के खिलाफ फैसला सुनाने से पहले जज को तीन घंटे तक निर्देश दिए गए

इमरान खान ने आगे लिखा, याह्या खान पार्ट टू की दलाल कार्यवाहक सरकार ने जज हुमायूं दिलावर को दोषी करार देने के बदले में अरबों रुपए की जमीन और अवैध एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) भेंट किए, जिसके कारण मुझे जेल जाना पड़ा. यहां तक ​​कि पिछले दिनों भी बुशरा खान के खिलाफ फैसला सुनाने से पहले जज को तीन घंटे तक निर्देश दिए गए थे.

काजी फैज ईसा पर भी इमरान खान ने बोला हमला

इमरान खान ने काजी फैज ईसा पर हमला करते हुए कहा, फैज को इसलिए सेवा विस्तार दिया जा रहा है क्योंकि वे मानवाधिकार उल्लंघन और चुनाव में धांधली में उनकी भूमिका के लिए उन्हें (जवाबदेही से) संरक्षण दे रहे हैं. नवाज शरीफ ने पहले भी सुप्रीम कोर्ट पर (सशस्त्र गुंडों द्वारा) लाठी-डंडों से हमला करवाया है और अब वे काजी फैज ईसा के कार्यकाल को बढ़ाने का प्रयास करके न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर हमला कर रहे हैं. अगर आपराधिक माफिया न्यायपालिका पर हावी हो गए तो देश बर्बाद हो जाएगा. इमरान खान ने आगे कहा, काजी फैज ईसा ने स्वतंत्र न्यायपालिका को बंधक बनाए रखने में पूरी मदद की है. अगर काजी फैज ईसा का कार्यकाल बढ़ाया गया तो बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन होंगे.

पाकिस्तान में अपने इतिहास का सबसे कम विदेशी निवेश हुआ

निवेशकों ने सिंगापुर में अरबों डॉलर का निवेश किया है, जबकि कराची से भी कम आबादी वाला देश है. जबकि पाकिस्तान, जो दुनिया का पांचवां सबसे अधिक आबादी वाला देश है, में अपने इतिहास में सबसे कम विदेशी निवेश हुआ है, जो एक अरब डॉलर से भी कम है. निवेश केवल उन देशों में किया जाता है, जहां कानून का शासन सुनिश्चित हो. ऐसे देश में कौन निवेश करेगा, जहां न्यायाधीशों को धमकाया जाता है, उनके परिवार के सदस्यों का अपहरण किया जाता है और न्यायिक निर्णयों की अवहेलना की जाती है?

विदेश में रहने वाले पाकिस्तानी देश को बचा सकते हैं : इमरान खान

इमरान खान ने कहा, हमारी आईएमएफ पर निर्भरता तभी खत्म होगी, जब विदेशी पाकिस्तानी हमारे देश में निवेश करेंगे. वर्तमान में विदेश में रहने वाले करीब दस लाख पाकिस्तानी हैं, जो पाकिस्तान को बचा सकते हैं. वर्तमान में विदेशी पाकिस्तानियों को दुबई और अन्य देशों में निवेश करना पड़ता है, क्योंकि यहां उनकी पूंजी सुरक्षित नहीं है. अगर पाकिस्तान में निवेश किए गए दस लाख में से कुछ लाख विदेशी पाकिस्तानी भी पाकिस्तान में निवेश कर दें, तो हमारी (वित्तीय) परेशानियां दूर हो जाएंगी. लेकिन, वे तभी निवेश करेंगे, जब संविधान और कानून का शासन सर्वोच्च होगा.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

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