इमरान खान और बुशरा बीबी की शादी शरिया कानून के खिलाफ? निकाह कराने वाले मौलवी का दावा

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और बुशरा बीबी का निकाह कराने वाले मौलवी मुफ्ती ने दावा किया है कि उनकी शादी इस्लामिक शरिया कानून का पालन नहीं करती. दरअसल मुहम्मद हनीफ की याचिका पर इस्लामाबाद कोर्ट में सुनवाई के दौरान मौलवी ने इस बात का खुलासा किया.

पाकिस्तान के पूर्व प्रधान मंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. एक मौलवी ने दावा किया है कि इमरान-बुशरा की शादी शरिया कानून के मुताबिक नहीं हुआ.

मौलवी मुफ्ती सईद का दावा, इमरान-बुशरा की शादी गैरकानूनी

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और बुशरा बीबी का निकाह कराने वाले मौलवी मुफ्ती ने दावा किया है कि उनकी शादी इस्लामिक शरिया कानून का पालन नहीं करती. दरअसल मुहम्मद हनीफ की याचिका पर इस्लामाबाद कोर्ट में सुनवाई के दौरान मौलवी ने इस बात का खुलासा किया.

मौलवी का दावा, जिस समय इमरान की शादी हुई थी, उस समय बुशरा बीबी इद्दत अवधि में थी

मौलवी ने दावा किया है कि इमरान खान की जब शादी हो रही थी, उस समय बुशरा बीबी इद्दत अविध में थीं. दरअसल जब पति की मृत्यु हो जाती है या फिर तलाक हो जाता है, तो मुस्लिम महिलाओं को कुछ दिन के लिए प्रतीक्षा अवधि में रहना पड़ता है. यानी इस दौरान महिला किसी दूसरे पुरुष से शादी नहीं कर सकती है. इस अवधि का शोक के रूप में मनाया जाता है.

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2018 में हुई थी इमरान और बुशरा बीबी के बीच शादी

मालूम हो पूर्व पाक प्रधानमंत्री इमरान खान और बुशरा बीबी के बीच 2018 में शादी हुई थी. एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार मौलवी ने बताया, उसे 2018 में रक्षा आवास प्राधिकरण लाहौर में शादी की रस्म पूरा कराने के लिए बुलाया गया था.

तोशाखाना मामले में फंसे हैं इमरान खान

गौरतलब है कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान तोशाखाना मामले में बुरी तरह फंस गये हैं. पाकिस्तान में तोशाखाना एक सरकारी विभाग है, जहां अन्य सरकारों के प्रमुखों, विदेशी हस्तियों द्वारा राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सांसदों, नौकरशाहों और अधिकारियों को दिए गए उपहारों को रखा जाता है. इमरान खान पर तोशाखाने में रखे गए तोहफों (जिसमें उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री होने के नाते मिली एक महंगी घड़ी भी शामिल है) को कम दाम पर खरीदने और फिर उन्हें बेचकर लाभ कमाने का आरोप है.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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