लाल सागर में कार्गो जहाज पर हूती विद्रोहियों का डबल अटैक, 3 पाकिस्तानियों समेत 6 की मौत

Houthi Attack: लाल सागर के अहम बाब अल-मंडेब स्ट्रेट पर एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले ने समुद्री सुरक्षा पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. यमन सरकार का दावा है कि ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने जहाज को दो बार निशाना बनाया है. हमले में छह लोगों की मौत और कई घायल हुए हैं.

Houthi Attack: यमन सरकार ने दावा किया है कि लाल सागर के बाब अल-मंडेब स्ट्रेट पर एक कमर्शियल शिप पर हूती विद्रोहियों ने दो बार हमला किया है. हमले में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई है. मारे गए लोगों में जहाज के चालक दल के सदस्यों के साथ दो बचावकर्मी भी शामिल हैं. सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने हमले के लिए ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है.

तिहामा जहाज पर दागी गईं तीन बैलिस्टिक मिसाइलें

यमन सरकार के परिवहन मंत्रालय के मुताबिक हूती विद्रोहियों ने खाद्य सामग्री ले जा रहे छोटे मालवाहक जहाज तिहामा पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिसके बाद जहाज में भीषण आग लग गई. मंत्रालय ने बताया कि पहले हमले में चालक दल के चार सदस्यों की मौत हो गई. इनमें तीन पाकिस्तानी और एक इंडोनेशियाई नागरिक शामिल थे. जबकि, चार अन्य चालक दल के सदस्य और एक बचावकर्मी घायल हो गए.

बचाव अभियान शुरू होते ही हुआ दूसरा हमला

यमन के अधिकारियों के मुताबिक जहाज पर हमले के बाद खोज और बचाव अभियान शुरू किया गया था. इसी दौरान हूती विद्रोहियों ने पोत को दूसरी बार निशाना बनाया. यमन के परिवहन मंत्रालय ने इसे जहाज पर मौजूद लोगों के साथ बचावकर्मियों की जान को भी खतरे में डालने वाला हमला बताया. बाद में यमनी तटरक्षक बल ने पुष्टि की कि मरने वालों में दो बचावकर्मी भी शामिल हैं. इसके साथ ही मृतकों की संख्या छह हो गई.

जाजान की अरामको रिफाइनरी पर भी हूती का हमला

इस बीच, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के जाजान स्थित अरामको रिफाइनरी को भी निशाना बनाने का दावा किया है. हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि सादा और हज्जा प्रांतों में कथित सऊदी ड्रोन हमलों के जवाब में ड्रोन के जरिए रिफाइनरी पर हमला किया गया. जिसके बाद अरामको रिफाइनरी में आग लग गई थी. सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने बाद में आग लगने की पुष्टि करते हुए कहा कि इसे बुझा दिया गया है.

क्या फेल हो रहा है मक्का रक्षा समझौते?

यरुशलम पोस्ट के मुताबिक हूती विद्रोहियों की ओर से जाजान में अरामको रिफाइनरी पर हमले के बाद पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के बीच हाल में ही हुई मक्का संयुक्त रक्षा समझौते की पहली परीक्षा विफल होती दिखाई दे रही है. हमले के बाद गठबंधन की ओर से तत्काल कोई सैन्य प्रतिक्रिया या चेतावनी सामने नहीं आई है. लाल सागर और सऊदी अरब में हालिया हमलों ने एक बार फिर क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को लेकर चिंता बढ़ा दी है. (पीटीआई इनपुट)

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लेखक के बारे में

By प्रीतीश सहाय

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.
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