Hormuz Strait Crisis: कतर के जहाज 'अल रेकय्यात' पर ईरान द्वारा किए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है. सोमवार रात ईरान ने मिसाइल हमले में इसे निशाना बनाया था. कतर ने कहा है कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर किया गया हमला कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता.
"कानूनी रूप से जिम्मेदार ईरान"
कतर पीएम के सलाहकार माजेद अल अंसारी ने X पर किए एक पोस्ट में कहा, होर्मुज स्ट्रेट के पास से गुजरने वाले कतरी पोत को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है. उन्होंने क्षेत्र की शांति भंग करने वाली कार्रवाइयों पर रोक लगाने की अपील की. कहा कि "हम इस हमले और इसके परिणामस्वरूप होने वाले किसी भी नुकसान और परिणामों के लिए ईरान को पूरी तरह से कानूनी रूप से जिम्मेदार मानते हैं."
ईरान के सरकारी मीडिया RRIB ने सूत्रों के हवाले से बताया कि यूएसए के समर्थन के बाद ही कतर के तेल टैंकर होर्मुज के रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहे थे, जिस दौरान उनपर ईरान ने हमला कर दिया. RRIB ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले सभी जहाजों को ईरान द्वारा घोषित मार्गों का पालन करना होगा. ऐसा नहीं किए जाने पर जहाजों की सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जा सकती.
अमेरिका का जवाबी हमला
अमेरिकी सेंट्रल कमान (CENTCOM) ने मंगलवार को पुष्टि की कि उसने 7 जुलाई को कई जवाबी हमले किए, जिसमें ईरान के अंदर 80 से अधिक सैन्य ठिकानों पर गोला-बारूद से हमला किया गया.
CENTCOM ने सैन्य कार्रवाई के विशिष्ट कारणों का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि जलमार्ग से गुजर रहे तीन वाणिज्यिक टैंकरों के खिलाफ लक्षित आक्रामक कृत्यों के कारण अमेरिकी सैन्य प्रतिक्रिया शुरू हुई. फंसे जहाजों की पहचान मार्शल द्वीप समूह के ध्वज वाले M/T अल रेकाय्यात, सऊदी अरब के ध्वज वाले M/T वेड्यान और लाइबेरिया के ध्वज वाले M/T साइप्रस प्रॉस्पेरिटी के रूप में की गई.
ईरान की सरकारी मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि ईरान के महत्वपूर्ण शहरों बंदर अब्बास और सिरिक में बमबारी की गई, जिससे कई स्थानों पर आगजनी की खबर मिली. हालांकि इन हमलों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.
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