लाल सागर में क्यों मची खलबली! अपहृत टैंकर मोगादिशु की ओर बढ़ा, आईएनएस कोच्चि की पैनी नजर

इजराइल पर हमास के आतंकियों ने हमला किया था जिसके बाद से इजराइल लगातार गाजा पर गोलाबारी कर रहा है. यह बिल्कुल स्पष्ट है कि उत्तरी अरब सागर के इस हिस्से में यातायात के समुद्री मार्ग बाधित रहेंगे. जानें क्यों

इजराइल और हमास के बीच युद्ध जारी है. इस बीच एक बड़ी खबर आ रही है जो दुनिया को परेशान करने वाली है. दरअसल, ईरान समर्थित शिया हौथी मिलिशिया गाजा में हमास आतंकवादियों के समर्थन में आ गई है. लाल सागर में कॉमर्सियल शिपिंग को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. सोमालियाई समुद्री डाकू अदन की खाड़ी में तबाही मचा रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप प्रमुख शिपिंग कंपनियां बाब अल-मंडेब चोकपॉइंट से बचने का प्रयास कर रही है. इसका परिणाम यह हुआ है कि शिपिंग लागत बढ़ गई है. इस संबंध में अंग्रेजी वेबसाइट हिंदुस्तान टाइम्स ने खबर प्रकाशित की है.

खबर की मानें तो हौथी मिलिशिया लाल सागर में क्रूज मिसाइलों और मिसाइल-फायरिंग ड्रोन के साथ कॉमर्सियल शिपिंग को निशाना बना रहे हैं. ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि उन्हें इजरायली बंदरगाह इलियट की ओर बढ़ने से रोका जा सके. वहीं सोमालियाई समुद्री डाकुओं ने माल्टा-ध्वजांकित एमवी रुएन पर नियंत्रण कर लिया है. ताजा अपडेड यह हे कि वे सोमालिया में मोगादिशु की ओर बढ़ रहे हैं. बताया जा रहा है कि भारतीय नौसेना निर्देशित मिसाइल विध्वंसक आईएनएस कोच्चि अपहृत जहाज के आसपास है, लेकिन जापानी विध्वंसक जेएमएसडीएफ अकेबोनो ने खुद को इससे अलग कर लिया है.

चालक दल के 18 सदस्यों में से किसी के पास भी भारतीय नागरिकता नहीं

जो खबर सामने आ रही है उसके अनुसार, यह बिल्कुल स्पष्ट है कि एमवी रुएन के मालिकों को अपने जहाज को कैद से छुड़ाने के लिए सोमाली समुद्री डाकुओं को फिरौती देनी होगी. ऐसा इसलिए क्योंकि किसी भी तरह के बल से बंधक चालक दल के लोगों की जान चली जाएगी. बताया जा रहा है कि सोमालियाई समुद्री डाकू अदन के तट से दूर सोकोट्रा द्वीप के आसपास एमवी रुएन पर सवार हो गए और सोमालियाई तट की ओर बढ़ गए. चालक दल के 18 सदस्यों में से किसी के पास भी भारतीय नागरिकता नहीं है. वहां जो घायलों हैं उनकी हालत स्थिर है. समझा जाता है कि समुद्री डाकुओं को रोकने के लिए स्पेनिश फ्रिगेट विक्टोरिया भी इस अभियान में शामिल हो गया था लेकिन जहाज की स्थिति अभी पता नहीं चल सकी है.

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अमेरिका और नाटो आया सामने

हालांकि अमेरिका और नाटो के युद्धपोत कॉमर्सियल जहाजों को हौथी हमलों से बचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ईरान की शह पर शिया विद्रोहियों ने यमन के तट पर एक समुद्री मोर्चा खोल दिया है, ठीक उसी तरह जैसे एक अन्य ईरानी आतंकवादी प्रॉक्सी हिजबुल्लाह ने दक्षिण लेबनान में इज़राइल के साथ एक मोर्चा खोला है. दुनिया के कॉमर्सियल शिपिंग यातायात का छठा हिस्सा से अधिक लाल सागर से होकर गुजरता है. इस हलचल से व्यापार लागत बढ़ गई है.

समुद्री डाकू भारी मात्रा में फिरौती की रकम वसूलेंगे

सात अक्टूबर को इजराइल पर हमास के आतंकियों ने हमला किया था जिसके बाद से इजराइल लगातार गाजा पर गोलाबारी कर रहा है. इज़राइल हमास आतंकवादी पर नरमी दिखाने के मूड में बिल्कुल नहीं नजर आ रहा है, यह बिल्कुल स्पष्ट है कि उत्तरी अरब सागर के इस हिस्से में यातायात के समुद्री मार्ग तब तक बाधित रहेंगे जब तक कि तेहरान में हौथी आकाओं पर समर्थन बंद करने का दबाव नहीं डाला जाता है. तब तक, सोमालियाई समुद्री डाकू इस व्यवधान की कीमत पर भारी मात्रा में फिरौती की रकम वसूलेंगे.

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By Amitabh kumar

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

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