Guyana : लाखों भारतीय गुयाना में कैसे पहुंचे, इतिहास में दर्ज है राज

Guyana : पीएम नरेंद्र मोदी की गुयाना यात्रा के पहले जानें वहां की कितनी आबादी है. यह भी जानें कि लाखों भारतीय आखिर वहां कैसे पहुंचे.

Guyana : पीएम नरेंद्र मोदी की गुयाना यात्रा कई मायनों में अहम है. 1968 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की यात्रा के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा है. 56 साल बाद कोई भारतीय पीएम गुयाना पहुंचेगा. यहां की जनसंख्या काफी कम है लेकिन भारतीयों की संख्या ज्यादा है. वजह इतिहास में दर्ज है. दरअसल, गुयाना की वर्तमान जनसंख्या 2023 तक 826,353 है, जिसके 2050 तक 14% बढ़कर 940,607 हो जाने का अनुमान है. यह डाटा data.who.int पर मौजूद है.

क्यों गुयाना में भारतीयों की संख्या है अधिक?

भारत की आजादी से पहले ब्रिटिश सरकार गुयाना में भारतवंशियों को गिरमिटिया समझौता के तहत लेकर आई थी. ये मजदूर गन्ने के खेतों में काम करते थे. उस वक्त गुयाना ब्रिटेन का उपनिवेश था. गुयाना में काम करने के लिए अफ्रीकी आदि देशों के अन्य उपनिवेशों से भी मजदूर लाए गए थे. यहां की आबादी में भारतवंशी 40 फीसदी के आसपास हैं. यही वजह है कि गुयाना में वर्तमान में ज्यादातर भारतीय और अफ्रीकी मूल के ही लोग हैं.

गुयाना को कहा जाता है लघु भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश के दौरे पर हैं. यात्रा के तीसरे और अंतिम चरण में लघु भारत कहे जाने वाले कैरेबियाई टापू देश गुयाना वे पहुंचेंगे. यहां वे 19 से 21 नवंबर तक रहेंगे. उनके पहुंचने के बाद यहां रह रहे लाखों भारतवंशियों के लिए यह किसी त्योहार से कम नहीं होगा. पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज मारीशस, सूरीनाम, फीजी के अलावा गुयाना को लघु भारत कहती थीं.

Read Also : PM Modi Guyana Visit : गुयाना के पास तेल का अकूत भंडार, इस वजह से पीएम मोदी की यात्रा है खास

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Amitabh kumar

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : amitabh.kumar@prabhatkhabar.in

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >