French Woman Rescued Pakistan: पाकिस्तान के एक दूरदराज इलाके में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां एक फ्रांसीसी महिला और उसके पांच बच्चे करीब एक दशक तक बाहरी दुनिया से कटे हुए जिंदगी बिताने को मजबूर रहे. महिला के एक बेटे ने किसी तरह घर से बाहर निकलकर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद परिवार को इस कथित कैद से आजादी मिल सकी. यह घटना पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के पहाड़ी इलाके बारा की है. पुलिस और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, महिला के पति पर परिवार को लंबे समय तक अलग-थलग रखने और शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न करने के आरोप लगे हैं.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, परिवार के एक बच्चे ने किसी तरह घर से बाहर निकलकर पुलिस को पूरी जानकारी दी. इसके बाद 18 जून को पुलिस ने बारा इलाके में स्थित उस घर पर छापा मारा, जहां यह परिवार रह रहा था. जब पुलिस वहां पहुंची तो 54 वर्षीय फ्रांसीसी महिला सिल्वी यास्मीना और उसके पांच बच्चे एक बेहद खराब हालत वाले छोटे कमरे में मिले.
अधिकारियों के मुताबिक, कमरा बेहद जर्जर था और परिवार की स्थिति चिंताजनक थी. पुलिस ने बताया कि परिवार के कुछ सदस्यों के शरीर पर चोट के निशान और मारपीट के संकेत भी मिले. इसके बाद महिला और उसके बच्चों को तुरंत वहां से निकालकर पेशावर स्थित एक महिला आश्रय गृह में पहुंचाया गया. पुलिस ने बाद में इस मामले की जानकारी फ्रांस के दूतावास को दी. अधिकारियों के मुताबिक, महिला और उसके बच्चों ने फ्रांस लौटने की इच्छा जताई है.
महिला का आरोप- हमें आजादी से वंचित रखा गया
जांच के दौरान सिल्वी यास्मीना ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि उन्हें और बच्चों को लंबे समय तक स्वतंत्र जीवन नहीं जीने दिया गया. महिला ने अपने पति को हिंसक बताया और आरोप लगाया कि वह परिवार के साथ रोजाना शारीरिक और मानसिक अत्याचार करता था.
बीबीसी उर्दू की रिपोर्ट के अनुसार, महिला ने जांचकर्ताओं से कहा, ‘हमें हमारी आजादी से वंचित रखा गया. मेरे पति ने पति और पिता के तौर पर हमारी देखभाल नहीं की. वह हमें मारता था और रोजाना हमारी जिंदगी पर दबाव बनाता था.’ उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे लगता था कि मेरा भविष्य पहले ही बर्बाद हो चुका है और मेरे बच्चों का भविष्य भी बर्बाद हो जाएगा.’
बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट गया था परिवार
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिला और बच्चों को दूसरे लोगों से मिलने-जुलने की अनुमति नहीं थी. परिवार का बाहरी दुनिया से संपर्क लगभग खत्म हो चुका था. रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला ने बताया, परिवार 2014 में ऑस्ट्रेलिया से पाकिस्तान आने के बाद से कड़े प्रतिबंधों के बीच रह रहा था. महिला के मुताबिक, उसे किसी से मिलने की इजाजत नहीं थी. उनके दो बड़े बच्चों की पढ़ाई छूट गई थी, जबकि पाकिस्तान में जन्मे तीन छोटे बच्चों को कभी स्कूल में दाखिला ही नहीं मिला.’
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ऑस्ट्रेलिया से पाकिस्तान आया था परिवार
पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, सिल्वी यास्मीना और उसके पति की शादी साल 2003 में ऑस्ट्रेलिया में हुई थी. पुलिस का कहना है कि जब दोनों मिले थे, तब पति कथित तौर पर ऑस्ट्रेलिया में अवैध रूप से रह रहा था. शादी के बाद परिवार ऑस्ट्रेलिया में रहा और 2014 में अपने दो बड़े बच्चों के साथ पाकिस्तान चला गया.
इसके बाद परिवार की जिंदगी किस तरह बदली, इसकी जांच अब पुलिस कर रही है. पुलिस ने बताया कि महिला के पति को हिरासत में लिया गया है. अधिकारी अब मामले से जुड़े सबूत जुटा रहे हैं और अन्य लोगों से पूछताछ कर रहे हैं.
