चीन के जनरल झाओ जोंगची, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के पूर्व वेस्टर्न थिएटर कमांडर CPPCC की सदस्यता से हटा दिया गया है. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, झाओ को दो अन्य पदों से भी हटा दिया गया है. यह कार्रवाई उनके खिलाफ चल रही भ्रष्टाचार की जांच के तहत की गई है.
डोकलाम विवाद (2017) में कमांडर की भूमिका
झाओ फरवरी 2016 में पुनर्गठित वेस्टर्न थिएटर कमांड के पहले कमांडर बने थे. यह कमांड तिब्बत और शिनजियांग के साथ भारत से लगती चीन की सीमा के बड़े हिस्से में सैन्य अभियानों की जिम्मेदारी संभालती है. साल 2017 में डोकलाम विवाद के दौरान भी झाओ इसी कमांड के प्रमुख थे. भारत और चीन की सेनाओं के बीच करीब 72 दिन तक गतिरोध चला था.
गलवान झड़प (2020) के समय सैन्य नेतृत्व
मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव बढ़ा तो झाओ वेस्टर्न थिएटर कमांड का नेतृत्व कर रहे थे. 15 जून 2020 को गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हुए. चीन ने आधिकारिक तौर पर अपने चार सैनिकों की मौत स्वीकार की थी.
क्या शी जिनपिंग के ‘सफाए’ की जद में आए झाओ?
यह हटाया जाना राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा सेना में की जा रही व्यापक कार्रवाई का हिस्सा हो सकता है. झाओ को दिसंबर 2020 में सेवानिवृत्ति की उम्र पूरी होने के बाद कमांडर पद से हटा दिया गया था. अब CPPCC से हटाया जाना ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या वह राष्ट्रपति शी जिनपिंग की PLA में चल रही व्यापक कार्रवाई की चपेट में आए हैं.
सेना में लगातार बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई
शी जिनपिंग ने 2012 में सत्ता संभालने के बाद से भ्रष्टाचार और कथित गुटबाजी के खिलाफ PLA में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है. फरवरी 2026 के Center for Strategic and International Studies (CSIS) के आकलन के अनुसार, 101 वरिष्ठ PLA अधिकारियों को हटाया गया या वे सार्वजनिक रूप से गायब हुए, जिससे चीन के सैन्य नेतृत्व के करीब 52 प्रतिशत पद प्रभावित हुए हैं. हालांकि, झाओ के मामले में भ्रष्टाचार या किसी अपराध की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.
